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ट्रंप की अटलांटिक महासागर का नाम अपने नाम पर रखने की इच्छा, गूगल ने किया इनकार

October 23, 2026

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने की मुहिम अब महासागरों तक पहुंच गई है। ट्रंप अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) का नाम बदलकर ‘ट्रंप ओशन’ (Trump Ocean) रखना चाहते हैं। बताया गया है कि उन्होंने इसके लिए गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई से भी बातचीत की, लेकिन पिचाई ने उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि अटलांटिक महासागर अमेरिका के अलावा कई अन्य देशों के तटों तक फैला है, इसलिए उसका नाम बदलना उचित नहीं होगा।

ट्रंप इससे पहले मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने और कनाडा के साथ साझा ओंटारियो झील के नाम में ‘अमेरिकी झील’ जोड़ने की पहल कर चुके हैं। इन बदलावों के बाद अब उनकी नजर अटलांटिक महासागर पर होने की चर्चा है। ट्रंप प्रशांत महासागर को ‘अमेरिकन ओशन’ और अटलांटिक महासागर को ‘ट्रंप ओशन’ नाम देने की इच्छा भी जता चुके हैं।


  • चुनाव प्रचार के दौरान सुनाया पिचाई से बातचीत का किस्सा

    ट्रंप ने सुंदर पिचाई के साथ हुई बातचीत का जिक्र दक्षिण कैरोलिना में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार के दौरान किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्सर उनकी लोकेशन संबंधी समझ की तारीफ किया करते थे। ट्रंप ने बताया कि उन्हें प्रशांत और अटलांटिक महासागर के नाम पसंद हैं और वह इन्हीं दोनों के नाम अमेरिका या अपने नाम पर रखना चाहते हैं।

    उन्होंने कहा कि अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के विचार पर उन्होंने गंभीरता से विचार किया और इस संबंध में गूगल के सीईओ को फोन किया। बातचीत के दौरान जब उन्होंने अटलांटिक महासागर का नाम ‘ट्रंप ओशन’ रखने का प्रस्ताव दिया, तो पिचाई ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह इस बार ऐसा नहीं कर सकते।

    होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम भी बदलने की चर्चा

    ट्रंप की नाम बदलने की योजनाओं में अमेरिका से बाहर के स्थान भी शामिल बताए जा रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के दौरान चर्चा में रहे होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने की इच्छा भी उनसे जोड़ी गई है।

    हालांकि, किसी स्थान का नाम बदलने का अधिकार और उसके नाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता मिलना अलग-अलग विषय हैं। अमेरिकी सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले भौगोलिक नामों को बदल सकती है, लेकिन दूसरे देशों और निजी कंपनियों के लिए ऐसे बदलावों को स्वीकार करना अलग मामला है।

    मैक्सिको की खाड़ी के नाम को लेकर अमेरिकी प्रशासन की पहल के बाद गूगल और एप्पल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म ने अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ नाम अपनाया। इसी तरह ओंटारियो झील के नाम को लेकर भी अमेरिकी संदर्भ में बदलाव किए जाने की बात सामने आई थी।

    मिसिसिपी और हडसन नदी के नाम बदलने की भी इच्छा

    महासागरों और जलडमरूमध्यों के अलावा अमेरिकी नदियों के नाम बदलने की संभावना भी ट्रंप की योजनाओं से जोड़ी जा रही है। इनमें मिसिसिपी और हडसन नदी के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इनमें से किसी नदी का नाम बदलने को लेकर अंतिम निर्णय की पुष्टि आवश्यक है।

    ट्रंप जनवरी 2025 में अलास्का की सबसे ऊंची चोटी डेनाली का नाम बदलकर माउंट मैकिनले करने का आदेश दे चुके हैं। डेनाली नाम स्थानीय और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा रहा है, जबकि माउंट मैकिनले नाम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैकिनले के सम्मान में रखा गया था।

    इसके अलावा सितंबर में ट्रंप ने अमेरिकी राज्य न्यू मैक्सिको का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ करने का सुझाव भी दिया था। उन्होंने कहा था कि वह इस विचार को लेकर दबाव नहीं डालेंगे, लेकिन उनके मुताबिक कुछ लोग इस प्रस्ताव को पसंद कर रहे हैं।

    भौगोलिक नामों में बदलाव की इन पहलों ने अमेरिकी प्रशासन की नामकरण नीति और ऐतिहासिक नामों को लेकर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अटलांटिक महासागर, मिसिसिपी नदी या हडसन नदी का नाम बदलने के किसी औपचारिक फैसले की पुष्टि के बिना इन प्रस्तावों को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।

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