
टोक्यो। पूर्वी एशिया (East Asia) एक बार फिर महातूफान की मार झेल रहा है। भारत का मित्र देश जापान (Japan) अभी पिछले हफ्ते आए भीषण भूकंप (Earthquake) के झटकों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि अब एक और कुदरती आफत ‘डॉल्फिन’ तूफान (Cyclone ‘Dolphin’) ने वहां दस्तक दे दी है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को यह शक्तिशाली चक्रवाती तूफान (Powerful cyclonic storm) दक्षिण-पश्चिम जापान (southwest Japan) के ओकिनावा इलाके से टकराया, जिससे वहां जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
जापान के मौसम विभाग के मुताबिक, इस महातूफान की वजह से ओकिनावा इलाके में 140 से लेकर कहीं-कहीं 198 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल रही है और मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके अलावा समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। इसकी वजह से जनजीवन महासंकट में है। तूफान के चौतरफा मार की वजह से पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
2.6 लाख लोगों को पलायन का आदेश
खतरे की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान विभाग (JMA) ने ओकिनावा और कागोशिमा प्रांत के करीब 2.6 लाख (2,60,000) लोगों को तुरंत अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। ओकिनावा के विभिन्न निकासी केंद्रों में अब तक सैकड़ों लोगों ने शरण ली है। तूफान की चपेट में आने से 70 के दशक के तीन बुजुर्ग मामूली रूप से घायल हो गए हैं।
हवाई सेवाएं ठप और फैक्ट्रियों में थमा काम
तूफान के चलते हवाई यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा है। ओकिनावा का मुख्य नाहा एयरपोर्ट (Naha Airport) पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गई हैं। तूफान का वजह से देश भर में 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। वहीं, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा (Toyota) ने एहतियात के तौर पर अपने 9 कारखानों में काम पूरी तरह से रोक दिया है।
198 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही हैं हवाएं,बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, टाइफून डॉल्फिन के केंद्र में 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जबकि हवा के तेज झोंके 198 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने ओकिनावा, अमामी और दक्षिणी क्यूशू में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों में कई हिस्सों में 100 से 250 मिलीमीटर और कुछ विशेष स्थानों पर 350 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से एक ही स्थान पर लंबे समय तक अत्यधिक बारिश होने से अचानक बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका बढ़ गई है।
चीन की ओर बढ़ेगा तूफान:
मौसम विभाग ने कहा है कि पूर्वी चीन सागर में पहुंचने के बाद इस तूफान के और मजबूत होने की आशंका है, जहां हवा की रफ्तार 170 किमी/घंटा और झोंके 205 किमी/घंटा तक जा सकते हैं। इसके बाद यह कमजोर होकर सोमवार सुबह चीन के पूर्वी तट पर दस्तक दे सकता है।
भूकंप प्रभावित कुमामोटो प्रांत में दोहरी मुसीबत
यह प्राकृतिक आपदा उन लोगों के लिए और भी बड़ी मुसीबत बनकर आई है जो पिछले हफ्ते आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से प्रभावित हुए थे। कुमामोटो प्रांत में भूकंप के कारण कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे और लगभग 6,700 लोग अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अब मूसलाधार बारिश और तूफान के खतरे को देखते हुए लोग पानी के नुकसान से बचने के लिए अपने घरों की छतों और दीवारों पर नीले रंग की तिरपाल (blue tarps) बांध रहे हैं।
मकाऊ (Macau) तक पहुंचा असर
इस चक्रवाती तूफान, जिसे वहां ‘व्हाइट डॉल्फिन’ (White Dolphin) के प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है, का असर मकाऊ में भी महसूस किया गया है। मकाऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा कारणों से शुक्रवार रात 9 बजे तक कम से कम 12 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें, तटीय क्षेत्रों से दूर रहें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर ही भरोसा करें।
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