लंदन। ब्रिटेन (Britain) की शरण प्रणाली को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। बीबीसी (BBC) की जांच में दावा किया गया है कि कुछ पाकिस्तान और बांग्लादेश (Pakistan and Bangladesh) के प्रवासी वीजा खत्म होने के बाद खुद को समलैंगिक बताकर शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं।
कैसे हो रहा है कथित खेल?
रिपोर्ट के मुताबिक, इमिग्रेशन सलाहकार और कुछ कानूनी फर्में इन प्रवासियों से मोटी रकम लेकर उन्हें झूठी कहानी गढ़ने में मदद कर रही हैं।
बीबीसी की अंडरकवर जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है।
क्यों चुना जा रहा यह रास्ता?
ब्रिटेन की शरण नीति उन लोगों को सुरक्षा देती है, जिन्हें अपने देश में उत्पीड़न का खतरा हो।
पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में समलैंगिक संबंधों पर सख्त कानून हैं, इसलिए इस आधार पर शरण मिलने की संभावना ज्यादा मानी जाती है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
अन्य देशों में नाइजीरिया, भारत और युगांडा भी शामिल हैं।
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने साफ कहा है कि शरण प्रणाली के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें देश से निष्कासन भी शामिल है।
लेबर पार्टी की सांसद जो व्हाइट ने मांग की है कि ऐसे मामलों में शामिल सलाहकारों और फर्मों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कुछ देशों के लिए स्टूडेंट वीजा पर रोक लगाने तक की बात कही।
वहीं, कंजर्वेटिव पार्टी के नेता क्रिस फिलिप ने इसे “पूरी तरह भ्रष्ट व्यवस्था” बताते हुए शरण प्रणाली में बड़े सुधार की जरूरत जताई है।
जांच में और क्या सामने आया?
इस खुलासे ने ब्रिटेन की शरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर असली पीड़ितों को सुरक्षा देना जरूरी है, वहीं ऐसे कथित फर्जी दावों ने पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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