
वॉशिंगटन। अमेरिका (America) के मैसाचुसेट्स (Massachusetts) में 17 वर्षीय भारतवंशी किशोर अर्जुन अरविंद (Arjun Arvind) पर अपनी मां सुधा वेंकटेशन और छोटे भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने उसे बुधवार सुबह वेलैंड के एक पार्किंग स्थल से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसकी इंटरनेट और चैटजीपीटी सर्च हिस्ट्री (Internet and ChatGPT search history) सामने आई, जिसमें परिवार को नुकसान पहुंचाने और हत्या जैसे विषयों से जुड़ी जानकारी तलाशने के सुराग मिले। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं है कि चैटजीपीटी ने उसे हत्या करने का तरीका बताया या पूरी योजना बनाने में मदद की।
मां और छोटे भाई के शव घर में कैसे मिले?
घटना का खुलासा मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे हुआ। एक शिक्षिका पढ़ाने के लिए घर पहुंची थीं, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने अर्जुन के पिता को फोन किया। पिता भी पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं कर सके। उन्होंने पुलिस से घर जाकर स्थिति देखने को कहा। पुलिस जब घर पहुंची तो घर के बेसमेंट में 45 वर्षीय सुधा वेंकटेशन का शव मिला, जबकि 14 वर्षीय सिद्धार्थ अरविंद का शव पहली मंजिल पर मिला। इसके बाद पुलिस ने अर्जुन की तलाश शुरू की और उसे वेलैंड के पार्किंग स्थल से गिरफ्तार किया।
चैटजीपीटी की सर्च हिस्ट्री में क्या मिला?
जांच में सामने आया कि अर्जुन कुछ समय से चैटजीपीटी पर परिवार को नुकसान पहुंचाने और हत्या जैसे विषयों से जुड़ी जानकारी तलाश रहा था। उसने एआई से डरावनी और रहस्यमयी कहानियां बनाने में भी मदद मांगी थी। इन कहानियों में ऐसे पात्र थे, जो अपने ही परिवार के सदस्यों की हत्या करते हैं। यही सर्च हिस्ट्री जांच में अहम सुराग बनी है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने यह नहीं बताया कि इन बातचीत के दौरान चैटजीपीटी ने उसे किसी वास्तविक व्यक्ति की हत्या का तरीका, हथियार या योजना उपलब्ध कराई थी।
किशोर पर कौन-कौन से आरोप लगे हैं?
अर्जुन के खिलाफ हत्या के दो मामलों के अलावा परिवार पर हमला करने और मारपीट के आरोप भी लगाए गए हैं। उस पर अपनी मां की कार बिना अनुमति लेकर फरार होने का आरोप भी है। पुलिस की जांच फिलहाल मामले के अलग-अलग पहलुओं को जोड़ने में जुटी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी ऑनलाइन गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। इस मामले में यह तथ्य खास तौर पर महत्वपूर्ण है कि एआई पर हत्या से संबंधित जानकारी तलाशने का रिकॉर्ड मिला है, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि एआई ने हत्या के लिए निर्देश दिए थे।
फिलहाल जांच एजेंसियों ने ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं बताया है। सर्च हिस्ट्री में परिवार की हत्या और नुकसान पहुंचाने से जुड़े विषय मिलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन चैटजीपीटी ने आरोपी को वास्तव में हत्या का तरीका बताया या योजना बनाने में मदद की, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले में एआई की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले साक्ष्य ही यह स्पष्ट कर सकेंगे कि किशोर की ऑनलाइन गतिविधियों और कथित हत्याओं के बीच क्या संबंध था।
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