
नई दिल्ली। ईरान (Iran) के साथ जारी युद्ध (war) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। शुक्रवार, 18 सितंबर को ट्रंप ने कहा कि ईरान (Iran) के साथ युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका में गैस की कीमतें पहले के स्तर तक लौट सकती हैं, बल्कि उससे भी नीचे जा सकती हैं।
ट्रंप इससे पहले भी युद्ध के संभावित अंत को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के तुरंत बाद ईरान के साथ संघर्ष खत्म हो सकता है। उनका दावा था कि तेहरान लंबे समय तक युद्ध जारी रखने की स्थिति में नहीं है।
चुनाव को प्रभावित करने का ईरान पर लगाया आरोप
ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, तेहरान चाहता है कि अमेरिका में ऐसे कमजोर नेता सत्ता में आएं, जो ईरान को अकेला छोड़ दें और उसे परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति दें।
ट्रंप ने कहा कि ईरान की मुख्य इच्छा परमाणु हथियार हासिल करना है। उन्होंने इसके संभावित परिणामों को पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बताया। हालांकि, युद्ध कब और किन शर्तों पर खत्म होगा, इसे लेकर ट्रंप ने कोई विस्तृत समझौता या समयसीमा सार्वजनिक नहीं की है।
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी अमेरिका यात्रा को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शी अगले सप्ताह अमेरिका आएंगे और दोनों नेताओं के बीच मुलाकात अच्छी रहेगी। ट्रंप ने दोनों देशों के संबंधों को अच्छा बताते हुए शी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मुद्दों पर भी बातचीत जारी है। Reuters के मुताबिक, शी की 24 सितंबर को होने वाली यात्रा से पहले दोनों देश अमेरिकी LNG और अन्य व्यापारिक वस्तुओं पर टैरिफ में संभावित कटौती को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
चीन की जासूसी पर ट्रंप बोले- अमेरिका भी करता है
चीन की ओर से अमेरिका की जासूसी किए जाने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि संभव है चीन ऐसा करता हो, लेकिन अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है। ट्रंप ने इस बयान के जरिए दोनों देशों के बीच जारी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा की ओर भी संकेत किया।
वहीं, शी जिनपिंग की आगामी यात्रा में व्यापार के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर तकनीक और दोनों देशों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहने की संभावना है। Reuters के अनुसार, AI दोनों देशों के बीच आगामी वार्ता का प्रमुख विषय हो सकता है।
युद्ध के बाद तेल-गैस कीमतों पर ट्रंप का दावा
ईरान युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। अमेरिकी नेतृत्व वाले ईरान युद्ध और क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के कारण तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है। Reuters के अनुसार, सितंबर में रूस के ESPO क्रूड की कीमत भी मध्य-पूर्व में आपूर्ति बाधित होने के बीच 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।
ऐसे माहौल में ट्रंप का कहना है कि युद्ध समाप्त होने के बाद गैस की कीमतें नीचे आएंगी। हालांकि, कीमतों में वास्तविक बदलाव युद्ध की समाप्ति के साथ-साथ वैश्विक तेल आपूर्ति, बाजार की स्थिति और मध्य-पूर्व की सुरक्षा परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
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