
नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका (US ) और ईरान (Iran) के बीच एक बार फिर जंग तेज हो गई है. ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic missiles) और ड्रोन दागे. वहीं, इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी क्षेत्र में घुसकर ‘केश्म द्वीप’ पर बड़ा हवाई हमला (स्ट्राइक) भी किया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि ईरान ने अपने क्षेत्रीय पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की थीं. हालांकि, ईरान का ये हमला पूरी तरह नाकाम रहा और कोई भी मिसाइल सही ठिकाने पर नहीं गिर सकी.
सेंटकॉम ने दावा किया कि कुवैत की तरफ दागी गई ईरान की दो मिसाइलें हवा में इंटरसेप्ट हो गईं या अपने लक्ष्य से काफी पहले गिर गईं. वहीं, ईरान ने बहरीन पर तीन मिसाइलें दागी थीं जिन्हें अमेरिकी और बहरीन के एयर डिफेंस सिस्टम ने तुरंत हवा में ही मार गिराया.
अमेरिका का ‘केश्म द्वीप’ पर हमला
अमेरिकी सेना ने तीन उन आत्मघाती ड्रोनों को भी मार गिराने का दावा किया जिन्हें ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते से गुजर रहे आम नागरिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए भेजा था. वहीं, ईरान के इन हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के ‘केश्म द्वीप’ पर स्थित एक सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया.
इस जवाबी हमले को लेकर ईरान के सैन्य संगठन ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ का एक बयान भी सामने आया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिण केश्म द्वीप पर स्थित उनके एक संचार टॉवर को निशाना बनाया था.
ईरान ने कहा- पहले ही चेतावनी दी थी
इस बीच, ईरानी सशस्त्र बलों और वहां के सरकारी मीडिया ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा, ‘हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर हमारे खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई हुई, तो हमारा जवाब बेहद अलग और बहुत गंभीर होगा. आज रात हमने अपनी बात सच साबित कर दिखाई है.’
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने मिसाइलों और ड्रोनों की मदद से बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के ‘पांचवें बेड़े’ के मुख्यालय और क्षेत्र में एक अमेरिकी एयर बेस पर बड़ा और सफल हमला किया है. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह ‘झूठ’ करार दिया है.
अमेरिकी सेना ने ईरान के दावे को बताया ‘झूठा’
CENTCOM ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का ये दावा पूरी तरह झूठ है कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय और हमारे एयर बेस को निशाना बनाया है. सच ये है कि अमेरिकी बलों पर किए गए ईरान के सभी हमले पूरी तरह नाकाम रहे हैं.’
अमेरिकी सेना ने आगे कहा, ‘इस पूरी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. हमारे बल पूरी तरह सतर्क हैं और सीजफायर के दौरान ईरान के इस बिना उकसावे वाले हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.’
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