नई दिल्ली। अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास (Mahmoud Abbas) के प्रवेश वीजा पर रोक लगा दी है। अब्बास को अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN) के सत्र में शामिल होना था। अमेरिकी और फिलिस्तीनी (Palestinian) अधिकारियों के अनुसार, यह लगातार दूसरा वर्ष है जब अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति को वीजा देने से इनकार किया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) के अधिकारियों पर भी वीजा प्रतिबंध बढ़ाने की घोषणा की है। विभाग का कहना है कि दोनों संगठनों ने अमेरिका के सामने किए गए अपने वादों के अनुरूप कदम नहीं उठाए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक PA और PLO ने इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कार्रवाई की और बातचीत की प्रक्रिया से बाहर फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दिलाने की कोशिश की। अमेरिका ने फिलिस्तीनी कैदियों और उनके परिवारों को भुगतान जारी रखने तथा हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया है।
विदेश विभाग ने कहा कि इन गतिविधियों के चलते वीजा प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। हालांकि, प्रतिबंध से प्रभावित सभी अधिकारियों की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी मिशन के कर्मचारियों को स्थायी छूट जारी रहेगी और वे न्यूयॉर्क में अपना काम जारी रख सकेंगे।
महमूद अब्बास का अमेरिकी वीजा पिछले वर्ष भी रोक दिया गया था। इसके बाद उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था। इस बार भी फिलिस्तीनी पक्ष इसी विकल्प की तैयारी कर रहा है।
फिलिस्तीनी मिशन ने अब्बास को वर्चुअल माध्यम से महासभा को संबोधित करने की अनुमति देने के लिए प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव पर गुरुवार को चर्चा होनी है। अब्बास का संबोधन 24 सितंबर को निर्धारित है। इसी दिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी महासभा में संबोधन होना है।
फिलिस्तीनी पक्ष ने इस महीने की शुरुआत में महमूद अब्बास समेत कई अधिकारियों के लिए अमेरिका में प्रवेश के आवेदन जमा किए थे। उसे उम्मीद थी कि अमेरिका अपने रुख में बदलाव कर सकता है, लेकिन वीजा रोकने के फैसले के बाद यह संभावना कमजोर पड़ गई है।
एक फिलिस्तीनी अधिकारी ने अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से भेजा गया नोटिस भी साझा किया है। इसमें अमेरिकी कानून की धारा 212(a)(3)(B) का उल्लेख है। इस प्रावधान के तहत आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने या किसी आतंकवादी संगठन से संबंध रखने वाले व्यक्ति को वीजा देने पर रोक का प्रावधान है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि महमूद अब्बास का वीजा भी इसी प्रावधान के आधार पर रोका गया है या नहीं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा है कि PA और PLO ऐसे कदम जारी रखे हुए हैं, जिनसे शांति की संभावनाओं पर असर पड़ता है। विभाग के अनुसार दोनों संगठनों ने अपने पूर्व वादों के अनुरूप आवश्यक सुधार नहीं किए हैं और इसी आधार पर वीजा प्रतिबंधों को बढ़ाने का फैसला लिया गया।
अब फिलिस्तीनी मिशन की कोशिश है कि महमूद अब्बास को पिछले वर्ष की तरह इस बार भी वीडियो लिंक के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने की अनुमति मिल जाए। इसके लिए महासभा की मंजूरी आवश्यक होगी।
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