नई दिल्ली। सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” यानी (CJP) को लेकर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया गया कि भारत के विदेश मंत्री (S. Jaishankar) ने अमेरिका से कथित तौर पर (CJP) नेताओं को भारत को सौंपने की मांग की है। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “The Whistle Blower” नामक अकाउंट से साझा किए गए वीडियो में कथित तौर पर जयशंकर को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और राष्ट्रपति Donald Trump का जिक्र करते हुए यह कहते दिखाया गया कि अमेरिका की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
वीडियो में दावा किया गया कि “कॉकरोच जनता पार्टी” नामक समूह अमेरिका में बैठकर भारत विरोधी अभियान चला रहा है और इसके संचालकों को भारत को सौंपा जाना चाहिए। साथ ही कुछ व्यक्तियों के ईरान और पाकिस्तान से कथित संबंधों का भी जिक्र किया गया।
मामले ने तूल पकड़ा तो Press Information Bureau (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने वायरल वीडियो की जांच की। PIB ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया डिजिटल एडिटेड कंटेंट है।
फैक्ट चेक में कहा गया कि कुछ प्रोपेगैंडा अकाउंट्स विदेश मंत्री जयशंकर का मॉर्फ्ड वीडियो फैलाकर गलत जानकारी प्रसारित कर रहे हैं। PIB के मुताबिक, वीडियो में की गई बातें वास्तविक बयान नहीं हैं और इसे लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
“कॉकरोच जनता पार्टी” हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच के रूप में चर्चा में रही है। इसी लोकप्रियता के बीच उसके नाम पर फर्जी राजनीतिक दावे और AI जनरेटेड कंटेंट वायरल होने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण अब वीडियो और ऑडियो के जरिए गलत सूचना फैलाना आसान हो गया है। ऐसे में किसी भी वायरल कंटेंट पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है।
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