
मॉस्को: एक महिला (Women) की वजह से भारत (India) के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को रूस (Russia) के साथ संबंध बिगड़ने (Deteriorating Relations) की चिंता सताने लगी थी. ये महिला रूस की है और मामला तलाक (Divorce) और बच्चे की कस्टडी (Child Custody) से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस उलझे हुए केस की सुनवाई के दौरान कहा था कि ‘हम इस मामले पर ऐसा कोई फैसला नहीं देना चाहते जिससे भारत और रूस के संबंध खराब हों’. सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद अब रूसी दूतावास ने भी मामले में सफाई जारी कर दी है.
अब SC की टिप्पणी के बाद रूसी दूतावास की तरफ से स्टेटमेंट सामने आया है. जिसमें दावा किया गया है कि ये रिपोर्ट्स सिर्फ अटकलों के आधार पर तैयार की गई है, जो सच्चाई से बिल्कुल मेल नहीं खाती है. इसमें आगे कहा गया है कि ‘दूतावास अपने प्राथमिक दायित्वों के तहत रूसी नागरिकों के अधिकारों और वैध हितों की रक्षा सुनिश्चित करता है और यह सब भारतीय कानूनों के पूर्ण अनुपालन में किया जाता है. विक्टोरिया बसु के मामले में, दूतावास भारतीय अथॉरिटीज के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए हुए है’.
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