
मालवा और दौंड एक्सप्रेस के आरक्षित डिब्बों में बिना टिकट यात्रियों का कब्जा, यात्रियों ने रेल मंत्रालय तक से की शिकायत, लेकिन सोते रहे लापरवाह अधिकारी
इंदौर। पश्चिम रेलवे (Western Railway) के रतलाम मंडल (Ratlam Division) की रेलों में यात्री सेवा (Passenger Services) का स्तर दिन-ब-दिन गिरता जा रहा है। खासतौर पर देश के सबसे साफ शहर इंदौर (Indore) की ट्रेनों में यात्रियों को सबसे ज्यादा घटिया सेवाएं दी जा रही हैं। कहीं ट्रेन की छत से पानी टपक रहा है, कहीं एसी कोच में भी कॉकरोच और चूहे दौड़ रहे हैं और कहीं आरक्षित डिब्बों में सामान्य यात्री कब्जा जमाए बैठे हैं। परेशान यात्री अपनी शिकायतें रेल मंत्रालय तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन जमीनी अधिकारी इन शिकायतों के समाधान के बजाय सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।
इंदौर से केरल के तिरुवनंतपुरम नॉर्थ जाने वाली कोच्चुवैली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कल एस-4 कोच में यात्री प्रदीप शर्मा की सीट नंबर 38 पर ऊपर से पानी लगातार टपकता रहा। यात्री ने रेलवे सेवा और रतलाम मंडल को टैग कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। शिकायत रेलवे सेवा से होते हुए संबंधित विभाग तक पहुंची। रतलाम मंडल ने भी शिकायत आगे भेजने का जवाब दे दिया, लेकिन यात्री की अगली शिकायत ने रेलवे की कार्रवाई की पोल खोल दी। उन्होंने बताया कि रतलाम स्टेशन पर स्टाफ ने समस्या दूर करने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद रातभर उनकी सीट पर पानी आता रहा। परेशान यात्री ने लिखा कि लगातार पानी गिरने से उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें तत्काल दूसरी सीट दी जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कॉकरोचों की तस्वीर रेलवे को भेजी
मुंबई सेंट्रल से इंदौर आने वाली अवंतिका एक्सप्रेस (12961) ट्रेन के बी-1 कोच में यात्री अंकित मालपानी ने बर्थ के आसपास घूम रहे कॉकरोचों की तस्वीरें रेलवे को भेजीं। तस्वीरों में बर्थ के ठीक पास दीवार पर कॉकरोच साफ दिखाई दे रहे हैं। यात्री ने सवाल किया कि ऐसी हालत में कोई यहां सोए कैसे? रेलवे सेवा ने मामले को तत्काल ध्यान देने योग्य बताते हुए रतलाम मंडल और संबंधित अधिकारियों को टैग किया। रतलाम मंडल ने शिकायत संबंधित विभाग को भेजने की जानकारी दे दी। एसी कोच का किराया लेकर यात्री को आरामदायक सफर के बजाय बर्थ के पास कॉकरोच मिलें तो इसे यात्री सुविधा कहें या रेलवे की सफाई व्यवस्था का मजाक? शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ।
दौंड एक्सप्रेस में भी शिकायत
महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड से इंदौर आने वाली दौंड एक्सप्रेस में भी यात्री रेलवे सेवा और रेल मंत्रालय से आरक्षित डिब्बों में सामान्य यात्रियों के कब्जा जमाने की शिकायत करते हुए सहायता मांगी, लेकिन हर बार की तरह एक बार फिर शिकायत यहां से वहां घूमती रही। अधिकारी सोते रहे और यात्री परेशान होते रहे। इंदौर से जुड़ी ट्रेनों में यात्री सुविधा की बदहाली को लेकर सांसद शंकर लालवानी भी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने इस मामले में जीएम और रेल मंत्री से भी चर्चा की है।
मालवा एक्सप्रेस में आरक्षित डिब्बे में बिना टिकट यात्री
डॉ. आंबेडकर नगर (महू) से इंदौर होकर श्री माता वैष्णोदेवी कटरा तक जाने वाली मालवा एक्सप्रेस (12919) के 3ई कोच में यात्री यश जैन ने शिकायत की कि सीट नंबर 58, 59 और 60 पर बिना टिकट अथवा अनधिकृत यात्री बैठे हैं। हालात इतने खराब थे कि कोच के रास्ते और वॉशरूम तक जाने की जगह बाधित हो गई। यात्री ने यह भी शिकायत की कि मौके पर टीटीई और आरपीएफ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे सेवा ने जवाब दिया कि भोपाल मंडल के टीटीई को अनधिकृत यात्रियों की जांच कर उन्हें हटाने के लिए सूचित किया जा रहा है। इसके बाद अधिकारियों ने भी मामले में हस्तक्षेप के निर्देश दिए। जिस यात्री ने आरक्षित सीट के लिए पूरा किराया दिया, उसे अपनी ही सीट और रास्ते के लिए रेलवे से गुहार लगानी पड़े, इससे ज्यादा शर्मनाक यात्री सेवा और क्या होगी?
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