img-fluid

जवाई बांध में 24 फीट से भी कम पानी, मगरमच्छों और लाखों मछलियों पर मंडराया संकट

October 02, 2026

पाली। राजस्थान के पाली जिले में स्थित जवाई बांध (Jawai Dam) में पानी का स्तर लगातार घटने से जलीय जीवों के अस्तित्व पर संकट गहराने लगा है। पश्चिमी राजस्थान (Western Rajasthan) की जीवनरेखा माने जाने वाले इस बांध की कुल जलभराव क्षमता 61.25 फीट है, लेकिन मानसून (Monsoon) की बेरुखी के चलते जलस्तर घटकर 24 फीट से भी नीचे पहुंच गया है। इसका असर बांध में रहने वाले 500 से अधिक मगरमच्छों और लाखों मछलियों पर पड़ने की आशंका है।

मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास के रूप में प्रसिद्ध जवाई बांध में जलस्तर कम होने से जलीय जीवों के रहने का क्षेत्र सिमटता जा रहा है। पानी की कमी के कारण मगरमच्छों के तैरने और छिपने के लिए उपलब्ध स्थान घट रहा है। वहीं, पानी का तापमान बढ़ने और जलीय परिस्थितियों में बदलाव से मछलियों के जीवन पर भी खतरा बढ़ सकता है।

पानी की कमी से भोजन और आवास का संकट

जवाई बांध में पानी कम होने से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। जलस्तर घटने से मछलियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रभावित हो सकती हैं। यदि बड़ी संख्या में मछलियां मरती हैं, तो बांध के पानी की गुणवत्ता भी खराब होने का खतरा पैदा हो सकता है।

मगरमच्छों के सामने भी भोजन की उपलब्धता और अनुकूल आवास बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के आकलन के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो आने वाले महीनों में संकट और गहरा सकता है।


  • तीन महीने का पानी बचने का अनुमान

    उपलब्ध आकलन के अनुसार, बांध में लगभग तीन महीने के लिए ही पानी शेष रहने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद बांध का जलस्तर डेड स्टोरेज के स्तर तक पहुंच सकता है। डेड स्टोरेज वह पानी होता है, जिसे बांध की सामान्य निकासी व्यवस्था से निकालना मुश्किल हो जाता है।

    जल संकट के बीच जहां प्रशासन के सामने पेयजल की आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती है, वहीं जलीय जीवों के संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है। यदि समय रहते वन्यजीव विभाग और प्रशासन ने स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम नहीं उठाए, तो मगरमच्छों और मछलियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

    ऐसे में बांध के जलस्तर की नियमित निगरानी, जलीय जीवों की स्थिति का आकलन और जरूरत के मुताबिक आपातकालीन संरक्षण योजना तैयार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    तेंदुओं के साथ मगरमच्छ भी जवाई की पहचान

    जवाई बांध और इसके आसपास का क्षेत्र अपनी विशिष्ट प्राकृतिक सुंदरता तथा वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। तेंदुओं की मौजूदगी के कारण देश-विदेश के पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके साथ ही बांध के किनारों और चट्टानों पर धूप सेंकते मगरमच्छ भी पर्यटकों तथा वन्यजीव फोटोग्राफरों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।

    पहाड़ियों से घिरे इस क्षेत्र में तेंदुओं और मगरमच्छों की मौजूदगी ने जवाई को वन्यजीव पर्यटन के प्रमुख स्थलों में पहचान दिलाई है। यहां आने वाले पर्यटक सफारी के दौरान चट्टानों और उथले पानी के आसपास मगरमच्छों की गतिविधियां देख सकते हैं।

    वन्यजीव पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में बांध में पानी की कमी केवल जलीय जीवों के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यावरण और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए भी चिंता का विषय है।

    जवाई बांध में घटते जलस्तर को देखते हुए अब जल प्रबंधन के साथ जलीय जीवों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि, अगले तीन महीनों में बांध की वास्तविक स्थिति क्या होगी और मगरमच्छों तथा मछलियों पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह जलस्तर में बदलाव और संरक्षण के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करेगा।

    Share:

  • California Child Marriage Ban: नाबालिगों की शादी पर पूरी तरह लगा ब्रेक 1 जनवरी 2027 से बदल जाएगा कैलिफोर्निया का कानून

    Fri Oct 2 , 2026
    नई दिल्ली। कैलिफोर्निया (California)में बाल विवाह (Child Marriage)को लेकर बड़ा कानूनी बदलाव (Legal changes)किया गया है। राज्य में अब 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति की शादी पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। गवर्नर गेविन न्यूसम(Governor Gavin Newsom) ने 30 सितंबर 2026 को असेंबली बिल 1267 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved