
नई दिल्ली ।एसएस राजामौली (S.S. Rajamouli) आज भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के चर्चित निर्देशकों में शामिल हैं। उनकी फिल्मों की कहानी, तकनीकी प्रस्तुति और बड़े स्तर पर किए गए निर्माण ने उन्हें देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Baccalaureate)पर भी पहचान दिलाई है। हालांकि, उनके करियर के शुरुआती दौर में हिंदी दर्शकों (Hindi Audience) के बीच उनकी पहचान आज जैसी व्यापक नहीं थी। इसी दौर की एक घटना को राजामौली आज भी याद करते हैं, जिसमें शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने उनकी फिल्म के लिए बिना किसी आग्रह के समर्थन किया था।
राजामौली ने एक बातचीत के दौरान शाहरुख खान के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते हुए इस पुराने प्रसंग का जिक्र किया था। यह घटना उस समय की है, जब राजामौली की फिल्म ‘ईगा’ हिंदी में ‘मक्खी’ नाम से रिलीज होने वाली थी। फिल्म को हिंदी दर्शकों तक पहुंचाने के लिए राजामौली प्रचार गतिविधियों में व्यस्त थे।
इसी दौरान उनकी मुलाकात शाहरुख खान से हुई। शाहरुख पहले ही राजामौली की फिल्म ‘मगधीरा’ देख चुके थे। बातचीत के दौरान उन्होंने राजामौली से उनके काम और नई फिल्म के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि उस समय राजामौली किस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
राजामौली ने बताया कि वह ‘मक्खी’ के प्रचार में जुटे हुए हैं। इसके बाद शाहरुख खान ने उनकी फिल्म के बारे में खुद से एक संदेश साझा किया। राजामौली के मुताबिक, उन्होंने शाहरुख से ऐसा करने के लिए नहीं कहा था। इसके बावजूद शाहरुख ने फिल्म का उल्लेख करते हुए दर्शकों को इसे देखने की अपील की।
शाहरुख ने ‘मक्खी’ को राजामौली की बनाई मौलिक फिल्म बताया था और इसकी रिलीज के लिए उन्हें तथा पूरी टीम को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने दर्शकों से बच्चों के साथ फिल्म देखने की बात भी कही थी। उस समय राजामौली के लिए यह समर्थन इसलिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि हिंदी क्षेत्र में उनकी पहचान अभी सीमित थी।
राजामौली ने इस घटना को याद करते हुए शाहरुख खान के प्रति अपनी गहरी इज्जत जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि भारत का कोई भी निर्देशक उनके साथ काम करना चाहेगा। राजामौली के अनुसार, शाहरुख की खासियत केवल उनका बड़ा स्टार होना नहीं है, बल्कि वह दूसरे कलाकारों और फिल्मकारों के काम को भी महत्व देते हैं।
राजामौली ने शाहरुख के संदेश का जवाब देते हुए उनका आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि एक ऐसे समय में, जब वह हिंदी दर्शकों के बीच ज्यादा पहचाने नहीं जाते थे, तब शाहरुख का उनकी फिल्म के बारे में खुद आगे बढ़कर बात करना उनके लिए बेहद खास था।
‘मक्खी’ की कहानी भी राजामौली की अलग तरह की कहानी कहने की शैली को दर्शाती थी। फिल्म में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके मक्खी के रूप में लौटने और अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेने की कहानी दिखाई गई थी। हिंदी दर्शकों के लिए फिल्म का नाम ‘मक्खी’ रखा गया था।
राजामौली के करियर में ‘मगधीरा’ के बाद ‘मक्खी’ एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। बाद के वर्षों में उनकी फिल्मों ने भारतीय सिनेमा में उनकी पहचान और मजबूत की। अब उनकी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ भी चर्चा में है। इसमें महेश बाबू मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, जबकि प्रियंका महिला मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी।
शाहरुख और राजामौली से जुड़ा यह पुराना प्रसंग दोनों के बीच पेशेवर सम्मान को सामने लाता है। राजामौली के लिए यह घटना इसलिए भी यादगार रही, क्योंकि उस समय मिले समर्थन ने उनकी फिल्म के हिंदी प्रचार को एक अलग तरह का सहारा दिया था।
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