
नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) की चमक दमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाइयां (Bitter Truths) अक्सर सामने नहीं आ पातीं लेकिन जब कोई इन पर खुलकर बात करता है तो कई भ्रम टूट जाते(Many illusions would shatter.) हैं हाल ही में फिल्ममेकर कुणाल कोहली (Filmmaker Kunal Kohli) ने ऐसी ही एक सच्चाई उजागर की है जिसने बॉलीवुड के भीतर की सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं उन्होंने बताया कि कैसे फिल्म धुरंधर (The Film Dhurandhar) की रिलीज से पहले ही इंडस्ट्री के बड़े बड़े लोग इसकी असफलता का इंतजार कर रहे थे
कुणाल कोहली के मुताबिक धुरंधर जब रिलीज होने वाली थी तब किसी को भी इस पर भरोसा नहीं था यहां तक कि इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशकों ने भी इसे लेकर नकारात्मक राय दी थी उन्होंने खुलासा किया कि कई बड़े डायरेक्टर्स से बातचीत के दौरान उन्हें साफ कहा गया था कि यह फिल्म सोमवार तक टिक नहीं पाएगी और बॉक्स ऑफिस पर बैठ जाएगी लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा फिल्म ने उम्मीदों को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों का दिल जीत लिया
कुणाल कोहली ने यह भी कहा कि जब तक फिल्म ने सफलता हासिल नहीं कर ली तब तक इंडस्ट्री से इसे कोई समर्थन नहीं मिला यह स्थिति सिर्फ धुरंधर के साथ ही नहीं बल्कि कई बड़ी फिल्मों के साथ देखी गई है उन्होंने उदाहरण देते हुए फिल्म बॉर्डर 2 का जिक्र किया और बताया कि इस फिल्म को लेकर भी शुरुआत में नकारात्मक बातें कही गई थीं लेकिन बाद में इसी फिल्म ने 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सबको चौंका दिया
उन्होंने अपनी फिल्म हम तुम का अनुभव भी साझा किया और बताया कि रिलीज से पहले प्रिव्यू शो के दौरान इंडस्ट्री के लोगों को यह फिल्म खास पसंद नहीं आई थी इस वजह से वह काफी निराश हो गए थे उस समय आदित्य चोपड़ा ने उन्हें समझाया था कि यह फिल्म हर किसी की समझ में आने वाली नहीं है और यही इसकी खासियत है बाद में यही फिल्म दर्शकों के बीच बड़ी हिट साबित हुई
कुणाल कोहली ने बेहद साफ शब्दों में कहा कि इंडस्ट्री के 99 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि दूसरा व्यक्ति सफल न हो यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिस्पर्धी माहौल की सच्चाई भी बयां करता है जहां सफलता से ज्यादा असफलता की चर्चा होती है
इस पूरे मुद्दे पर कॉमेडियन जाकिर खान का बयान भी चर्चा में रहा था उन्होंने एक अवॉर्ड शो में मजाकिया अंदाज में कहा था कि लोग भले ही धुरंधर की तारीफ करें लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें जलन जरूर होगी इस बयान पर अभिनेत्री अमीषा पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे नकारात्मक सोच बताया था
कुणाल कोहली की यह बात साफ करती है कि फिल्म की असली परीक्षा दर्शकों के बीच होती है न कि इंडस्ट्री के पूर्वाग्रहों में धुरंधर की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर कंटेंट मजबूत हो तो वह हर तरह की आलोचना को पीछे छोड़ सकता है और यही सिनेमा की असली ताकत भी है
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