
नई दिल्ली । निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Independent MP Pappu Yadav) ने कहा कि एनटीए के चेयरमैन को अब तक क्यों नहीं हटाया गया (Why hasn’t the NTA Chairman been Removed Yet) ?
संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एनटीए को लेकर सवाल उठाए। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आरटीआई और ऑडिट को चोरी वाली सभी तरह की व्यवस्था से दूर कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस पूरे मामले में जवाबदेही किसकी तय होगी ? उन्होंने कहा कि एनटीए के चेयरमैन को अब तक क्यों नहीं हटाया गया? पप्पू यादव ने दावा किया कि 2018 में जिन्हें एनटीए में लाया गया था, वे पहले मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग में बड़े पद पर थे। उन्होंने कहा कि “एक ही पदाधिकारी दुनिया में है।”
पप्पू यादव ने कहा कि हर साल 6 से 8 करोड़ फॉर्म भरे जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि इतना पैसा एनटीए को क्यों दिया जाता है? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? जांच कौन करेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि संजीव मुखिया को बरी कर दिया गया है। साथ ही पूछा कि एसआईटी कौन बनाएगा? उनका कहना था कि राज्यों के अधिकार भी छीन लिए गए हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि पेपर लीक को केवल एक सामान्य घटना की तरह न देखा जाए, क्योंकि सरकार ने एनटीए की भूमिका पर कोई जवाब नहीं दिया है।
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा मंगलवार से शुरू हुई थी और बुधवार को भी जारी रही। बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद बिहार के सुपौल से जनता दल के सांसद दिलेश्वर कामत ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक एनडीए सरकार के प्रति लोगों के भरोसे और उम्मीद को मजबूत करने वाला है। यह कानून देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला महत्वपूर्ण विधेयक साबित होगा। बता दें कि एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा मंगलवार को शुरू हुई थी और बुधवार को भी जारी रही। सरकार का कहना है कि यह विधेयक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं विपक्ष लगातार एनटीए की जवाबदेही, जांच प्रक्रिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहा है।
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