
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार किया है। पटवारी ने मुख्यमंत्री से भाषा पर संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पद प्रशासनिक जिम्मेदारी वाला पद है और इस पद की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और ‘छात्रों की गूंज’ छात्रों की शिक्षा एवं सुरक्षा से जुड़ा पवित्र विषय है। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाएंगे बबूल तो कांटे ही लगेंगे, फल नहीं उगेंगे। जैसी भाषा रहेगी, वैसा ही जवाब मिलेगा। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पेपर लीक, पटवारी भर्ती, सिपाही भर्ती, व्यापमं और पीएससी जैसी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक सोच के साथ मिलकर काम किया जाए।
यूजीसी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग विषयों को सामने ला रही है। पटवारी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है और विभिन्न परीक्षाओं को लेकर युवाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए फिलहाल रजिस्ट्रेशन जारी है। रजिस्ट्रेशन के बाद कितने लोग कार्यक्रम में पहुंचते हैं, यह समय बताएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री द्वारा राहुल गांधी से माफी मांगने को लेकर दिए गए बयान पर जीतू पटवारी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और इस सवाल पर चुप्पी साध ली। बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार प्रदेश सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों भी उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार को लेकर कई तरह के बयान दिए थे।
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