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योगी राज 2.0 – उत्तर प्रदेश में अनवरत चलता रहेगा विकास रथ

March 27, 2022

– दीपक कुमार त्यागी

देश के नवनिर्माण में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ के एकबार फिर से शपथ लेने के साथ ही 37 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद राज्य में लगातार दोबारा मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड आदित्यनाथ के नाम हो गया है। किसान आंदोलन एवं चुनावी वर्ष होने के चलते पिछले एक वर्ष राज्य में जबरदस्त राजनीतिक उठापटक का लंबा दौर चलने के बाद, अब देशवासियों एवं उत्तर प्रदेश के लोगों को आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। एक तरफ तो उत्तर प्रदेश के लोग राज्य को देश में विकास की अग्रणी पंक्ति पर स्थापित होता देखना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ सभी देशभक्त देशवासी भी जल्द से जल्द देश की अर्थव्यवस्था को ‘फाइव ट्रिलियन इकोनॉमी’ की बनते हुए देखना चाहते हैं, लेकिन देशवासी यह भी अच्छी तरह से जानते हैं कि इस सपने को पूरा करने का रास्ता उत्तर प्रदेश की संकरी गलियों से होकर गुजरता है। इस राज्य में जितनी तेजी से विकास होगा उतनी ही तेजी के साथ देश की अर्थव्यवस्था के ‘फाइव ट्रिलियन इकोनॉमी’ बनने का सपना भी धरातल पर साकार होगा।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विभिन्न जाति-धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। प्रदेश में गरीबों की संख्या भी कम नहीं है, जिनको समय से रोटी, कपड़ा, मकान, रोजगार, शिक्षा एवं चिकित्सा उपलब्ध करवाना किसी भी सरकार के लिए एक चुनौती है। इसको पूरा करने के लिए सरकार में बैठे लोगों के बेहतरीन विजन एवं राजकोष में अथाह धन की आवश्यकता होती है। आज योगी राज में लंबे समय के बाद राज्य में औधोगिक विकास एकबार फिर से तेज़ी से गति पकड़ने लगा है। योगी सरकार के प्रथम कार्यकाल में राज्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में 12 पायदान ऊपर उठकर नंबर दो पर आ चुका है, जो कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की रफ्तार के दृष्टिकोण से बेहद सकारात्मक है। भयावह कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद जिसको बरकरार रखना अब योगी राज के दूसरे कार्यकाल के लिए एक चुनौती होगा। इस बार उत्तर प्रदेश में योगी के नाम पर लोगों ने भाजपा को पुनः बहुमत इस आशा में दिया था कि राज्य में वह पूर्ण रूप से सुरक्षित रह सकें, इसके लिए राज्य को अपराधमुक्त एवं जाति और धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा से मुक्त रखने की आम जनमानस की उम्मीदों पर आदित्यनाथ को खरा उतरना होगा।

उत्तर प्रदेश देश का एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसके सर्वांगीण विकास के लिए किसानों की आय को तेजी से बढ़ाना आवश्यक है, जिस पर कार्य करने की चुनौती योगी सरकार के सामने खड़ी है। सरकार को कृषि लागत को कम करते हुए किसानों की उपज को बढ़ाने के लिए कार्य करना होगा। किसानों को उपज का एमएसपी से अधिक मूल्य जहां पर मिलता हो वहां पर अपना माल बेचने के लिए अवसर एवं संसाधन उपलब्ध करवाने होंगे। राज्य में कृषि भूमि की सुलभता से समय पर सिंचाई के लिए नई-नई योजनाओं को बनाना होगा। दशकों से लंबित पड़ी परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना होगा। कृषि उपयोग की बिजली की दर को कम करना होगा। गन्ना किसानों की आय को बढ़ावा देने के लिए बन्द चीनी मिलों को चलाने का कार्य करना होगा। गन्ना किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान जल्द से जल्द करवाना होगा और भविष्य में तय समय पर गन्ना मूल्य के भुगतान की कारगर नीति को धरातल पर अमलीजामा पहनाना होगा। प्रदेश की सभी फल-सब्जी एवं अनाज मंडियों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए उनको राष्ट्रीय स्तर पर एक ई-तकनीकी के प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना पर तेजी से कार्य करना होगा। किसान फसल बीमा योजना के माध्यम से समय पर किसानों के पूरे नुक़सान की जल्द भरपाई हो, यह सरकार को सुनिश्चित करना होगा। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के माध्यम से बटाईदार एवं किसानों के परिजन जल्द लाभान्वित हों यह धरातल पर सुनिश्चित करना होगा।

कोरोना जैसी भयावह महामारी के प्रकोप को झेल चुकी जनता को भविष्य में स्वस्थ रखने के लिए तहसील स्तर पर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तेजी से करना होगा। प्रदेश में छात्रों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा मिल सके उसके लिए कार्य करना होगा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाना होगा। राज्य में बढ़ते जलवायु एवं भूमि के प्रदूषण को कम करना होगा। उत्तर प्रदेश राज्य के नव निर्माण के लिए मेट्रो, रैपिड रेल, सड़क, फ्लाईओवर, पार्क, बिजली, पानी, सफाई आदि के अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एवं औधोगिक इकाइयों को निर्बाध कार्य करने का माहौल तैयार करना होगा। 21वीं सदी के अनुरूप विश्वस्तरीय जीवनशैली के लिए प्रदेशवासियों के जीवन-यापन को सरल बनाने के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ की विस्तृत पाॅलसी बनाकर उस पर कार्य करना होगा।

वैसे इस बार लोगों को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। ना जाने क्यों बहुत सारे लोगों को लगता है कि पिछली बार आदित्यनाथ एक चयनित मुख्यमंत्री थे जिसकी वजह से कहीं ना कहीं किसी स्तर पर कार्य में हस्तक्षेप होने की संभावना अवश्य रहती थी, जिसके चलते वह अपनी कार्यशैली के अनुरूप पूर्ण स्वतंत्रता से कार्य नहीं कर पाये थे, लेकिन इस बार आदित्यनाथ जनता के दम पर एक चुने हुए मुख्यमंत्री हैं तो अबकी बार हस्तक्षेप की संभावना बिल्कुल भी नहीं है और मुख्यमंत्री योगी का रथ उत्तर प्रदेश में विकास के नित-नये पथ तैयार करने का कार्य अवश्य करेगा। लोगों को उम्मीद है कि देश-प्रदेश के नव निर्माण के लिए योगी सरकार का विकास रथ अनवरत यूं ही तेजी से चलता रहे। आम जनता को उम्मीद है कि इस बार का योगी राज राज्य एवं देश के लिए बेमिसाल साबित होगा।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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