लखनऊ/फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad, Uttar Pradesh) निवासी एक युवक ने लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences) पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि फूड पाइप (Esophagus) की सर्जरी के बाद उसके बाएं हाथ में समस्या शुरू हुई, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिलने से संक्रमण इतना बढ़ गया कि आखिरकार डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए हाथ काटना पड़ा। पीड़ित ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सर्जरी के बाद सुन्न पड़ गया हाथ
पीड़ित अंकित राठौर (29), निवासी फिरोजाबाद, के अनुसार वह 2 जून को इलाज के लिए लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती हुए थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने फूड पाइप की सर्जरी की सलाह दी और 8 जून को ऑपरेशन किया गया।
अंकित का आरोप है कि सर्जरी के तुरंत बाद उनका बायां हाथ सुन्न हो गया और उसमें हरकत बंद हो गई। उन्होंने कई बार डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन उनकी शिकायत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि लगातार अनदेखी के कारण हाथ में संक्रमण फैलता गया और कुछ ही दिनों में स्थिति गंभीर हो गई। आरोप है कि 19 जून तक संक्रमण गैंग्रीन में बदल चुका था। इसके बाद अस्पताल ने प्लास्टिक और वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए उन्हें एसजीपीजीआई और केजीएमयू रेफर कर दिया।
दूसरे अस्पतालों में भी नहीं मिला इलाज
अंकित का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद वह कई दिनों तक एसजीपीजीआई और केजीएमयू के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं भर्ती नहीं किया गया। अंततः 24 जून को वह दोबारा लोहिया संस्थान पहुंचे। तब तक संक्रमण काफी फैल चुका था और डॉक्टरों ने बताया कि जान बचाने के लिए हाथ काटना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि यदि शुरुआती शिकायत पर समय रहते उचित इलाज किया जाता, तो हाथ काटने जैसी नौबत नहीं आती। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
संस्थान ने जांच का दिया भरोसा
मामले पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवनचंद्र तिवारी ने कहा कि मरीज की सर्जरी संस्थान में हुई थी, लेकिन अब तक उनके पास मरीज की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला आरोपों और जवाबों के बीच है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं।
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