
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) के विरोध के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) भी उनके समर्थन में खुलकर उतर आई हैं। मायावती ने अखिलेश यादव के बयान को अहंकारी और अशोभनीय बताते हुए उनसे जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह और जाट समाज से तुरंत माफी मांगने की मांग की है।
जयंत चौधरी ने अखिलेश पर साधा निशाना
जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर जाट समाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध में अगर अखिलेश को कुछ कहना था तो उनका नाम लेकर कहते, लेकिन पूरे जाट समाज को इस तरह निशाना बनाना उचित नहीं है।
जयंत ने अखिलेश के रवैये को अहंकार से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने इस अहंकार को करीब से देखा है और यही राजनीतिक पतन का कारण बनता है।
सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते,
कोई बात नहीं थी…जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?
मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!
— Jayant Singh (@jayantrld) August 21, 2026
मायावती बोलीं- बयान सिर्फ जयंत का नहीं, चौधरी चरण सिंह का भी अपमान
मायावती ने जयंत चौधरी का समर्थन करते हुए कहा कि अखिलेश यादव का बयान केवल आरएलडी या उसके अध्यक्ष का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और जाट समाज का भी अपमान है। उन्होंने अखिलेश से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
मायावती ने समाजवादी पार्टी पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए पुराने सपा-बसपा गठबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी रवैये के कारण 1993 में सपा-बसपा गठबंधन टूट गया था और इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस…
— Mayawati (@Mayawati) August 22, 2026
सपा पर लगाया ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ का आरोप
बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी राजनीतिक जरूरत के मुताबिक अपना रुख बदलती है। उनका कहना है कि सपा अपना काम निकलने तक साथियों को महत्व देती है और काम निकलने के बाद गिरगिट की तरह रंग बदल लेती है।
मायावती ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने भी गठबंधन के दौरान इसी तरह का अहंकारी रवैया अपनाया था।
PDA में पंडितों को जोड़ने पर भी मायावती का हमला
अखिलेश यादव के PDA में ‘P’ को पंडितों से जोड़ने वाले बयान पर भी मायावती ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अब पंडितों को अपना हितैषी बताने की कोशिश कर रही है, जबकि उनके मुताबिक सपा कभी पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक या ब्राह्मण समाज की वास्तविक हितैषी नहीं रही।
क्या था अखिलेश का ‘चवन्नी’ वाला बयान?
दरअसल, एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने अपने सहयोगियों और राजनीतिक साथियों का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए आरएलडी और जयंत चौधरी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने अपने सहयोगियों को आगे बढ़ाया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उसका साथ छोड़कर चले गए। इसी दौरान उन्होंने कहा था— ‘हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए।’
इस बयान के बाद जयंत चौधरी और अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। अब मायावती के जयंत के समर्थन में उतरने से यूपी की सियासत में इस बयान का विवाद और गहराने के संकेत हैं।
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