
असुन्सियोन। दक्षिण अमेरिकी देश (South American Country) पराग्वे (Paraguay) में एक बड़े बैंकिंग संकट (Banking Crisis) ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है. डिजिटल बैंक Ueno के डूबने के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना (President Santiago Peña) को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह पूर्व उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना (Former Vice President Pedro Alliana) ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली. वहीं, पद से हटाए गए पेना को घर में नजरबंद रखने का आदेश दिया गया है. बैंक के कामकाज पर रोक लगने से लाखों ग्राहकों की जमा पूंजी फंस गई है. इस मामले में सरकारी धन के इस्तेमाल और बैंक को राजनीतिक संरक्षण देने के आरोपों की जांच चल रही है.
संसद ने महाभियोग के जरिए पेना को हटाया
पराग्वे की सीनेट में शुक्रवार को राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटाने के लिए महाभियोग पर वोटिंग हुई. मौजूद सभी 44 सांसदों ने उन्हें पद से हटाने के पक्ष में वोट दिया. सांसदों ने पद पर रहते हुए गलत आचरण और बैंक से जुड़े मामले में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए थे.
पेना ने गुरुवार को इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि, संसद ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया. विपक्षी सांसदों का कहना था कि अगर उन्हें इस्तीफा देने दिया गया तो वे पूर्व राष्ट्रपति के तौर पर मिलने वाली आजीवन सीनेट सदस्यता और उससे जुड़े कानूनी संरक्षण का फायदा उठा सकते हैं। पेना ने अपने विदाई संदेश में कहा था कि वे देश में राजनीतिक अस्थिरता और बंटवारे को बढ़ाना नहीं चाहते. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
पेड्रो अलियाना ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ
सैंटियागो पेना को हटाए जाने के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने शुक्रवार को पराग्वे के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. वह पेना का बाकी कार्यकाल पूरा करेंगे, जो अगस्त 2028 तक है। पराग्वे की संसद के आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अलियाना को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई. उन्होंने अपने पहले संबोधन में Ueno बैंक संकट से प्रभावित लोगों की मदद करने और उनकी जमा पूंजी लौटाने के लिए कदम उठाने की बात कही।
दरअसल, इस राजनीतिक संकट की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब वित्तीय नियामकों ने Ueno बैंक का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. यह तेजी से बढ़कर पराग्वे के बड़े बैंकों में शामिल हो गया था. इसके ग्राहक लाखों में थे. बैंक की सेवाएं बंद होने के बाद लोगों को अपने खाते से पैसे निकालने, कार्ड से भुगतान करने और जमा पूंजी तक पहुंचने में परेशानी हुई।
इस बैंक में सरकारी संस्थानों और पेंशन फंड का भी पैसा जमा था. आरोप है कि बैंक को सरकारी संस्थाओं से बड़ी रकम मिली थी. महाभियोग की कार्रवाई में करीब 35.5 करोड़ डॉलर सरकारी पेंशन फंड से बैंक में जमा किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया. आरोप है कि यह रकम कानूनी सीमा से ज्यादा थी।
पेना पर सरकारी पैसे को बैंक तक पहुंचाने का आरोप
सांसदों ने आरोप लगाया कि पेना ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी धन Ueno बैंक तक पहुंचाया. साथ ही बैंक के कर्ज देने के तरीकों और उससे जुड़ी कंपनियों के लेनदेन पर नियामक संस्थाओं ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
मालूम हो, पेना का पहले Ueno की होल्डिंग कंपनी में हिस्सा था. उन्होंने पिछले साल दबाव के बाद अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी थी. उन पर यह सवाल भी उठे कि उन्होंने बैंक के एक पूर्व अधिकारी को केंद्रीय बैंक का प्रमुख नियुक्त किया था. यही संस्था Ueno बैंक की निगरानी करती थी. हालांकि, पेना ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है. जांच एजेंसियां उनके अलावा वर्तमान और पूर्व सरकारी अधिकारियों, केंद्रीय बैंक के अधिकारियों और पेंशन फंड से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
ग्राहकों का पैसा फंसा, सड़कों पर उतरे लोग
Ueno बैंक की सेवाएं बंद होने के बाद बड़ी संख्या में ग्राहक परेशान हैं. कई लोगों के खाते में जमा पैसे तक पहुंच नहीं है. इसको लेकर राजधानी असुनसियोन समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने अपना पैसा वापस देने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.
कुछ ग्राहकों को गुरुवार से पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू हुई. शुरुआती भुगतान में एक करोड़ गुआरानी तक की जमा रकम वाले ग्राहकों को शामिल किया गया. बैंक में जमा रकम पर बीमा सुरक्षा भी है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि इससे ज्यादातर ग्राहकों की जमा पूंजी सुरक्षित दायरे में आती है.
हालांकि, बैंक के डूबने से पूरे देश में नाराजगी है. शिक्षकों के एक बड़े संगठन ने सोमवार से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. संगठन की मांग है कि सरकारी पेंशन फंड के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
27 लोगों पर आरोप, बैंक अधिकारियों की संपत्तियां जब्त
Ueno बैंक मामले की जांच अब बैंक के अधिकारियों और उसके मालिकों तक पहुंच गई है. अभियोजन पक्ष ने बैंक के नियंत्रक शेयरधारक मिगुएल वास्केज समेत 27 लोगों पर आरोप लगाए हैं. इनमें भरोसे का उल्लंघन और धोखाधड़ी की कोशिश जैसे अपराध शामिल हैं. छह बैंक निदेशकों को मुकदमे से पहले हिरासत में रखा गया है. जांच एजेंसियों ने वास्केज के घर से नौ लग्जरी कारें जब्त की हैं. इसके अलावा एक यॉट और छोटे विमान भी जांच के दायरे में हैं. बैंक के अधिकारियों के घरों की तलाशी भी ली गई है.
इस पूरे मामले ने पराग्वे में सरकारी संस्थाओं और बैंकिंग व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पेना की कुर्सी जाने और अलियाना के राष्ट्रपति बनने के बाद भी संकट खत्म नहीं हुआ है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और बैंक के ग्राहकों को उनका पूरा पैसा कब तक वापस मिलता है।
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