
नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजधानी कोलकाता (Kolkata) समेत दक्षिण बंगाल (South Bengal) के कई जिलों में शुक्रवार दोपहर तेज आंधी और भारी बारिश (Storms and Rain) ने भारी तबाही मचाई. खराब मौसम से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. प्रशासन के अनुसार मौतें घर गिरने, बिजली करंट लगने और आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाओं में हुई हैं.
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय में जानकारी देते हुए कहा कि दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पश्चिम मेदिनीपुर और पुरुलिया जिलों से मौतों की खबरें आई हैं.
उड़ान सेवा भी रही प्रभावित
न्यूज एजेंसी के मुताबिक तेज बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली हवाओं के कारण कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं भी प्रभावित हुईं. एयरस्ट्रिप पर जलभराव होने की वजह से कुछ समय के लिए विमानों की आवाजाही रोकनी पड़ी. वहीं सियालदह दक्षिण उपनगरीय रूट के बोंगांव सेक्शन में पेड़ गिरने से रेलवे की ओवरहेड तारें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं.
कोलकाता और आसपास के इलाकों में दर्जनों पेड़ उखड़ गए. कई जगह पेड़ों की शाखाएं सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर गिर गईं, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा. कोलकाता नगर निगम (KMC) के अनुसार शहर और आसपास करीब 36 पेड़ जड़ से उखड़ गए.
कई इलाकों में जलभराव की स्थिति
सॉल्ट लेक इलाके में एक ऐप आधारित डिलीवरी बॉय आकाशीय बिजली की चपेट में आकर घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली.
स्थिति को संभालने के लिए कोलकाता नगर निगम और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सड़क से पेड़ हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी रहीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में बड़े पेड़ों को बचाने और उन्हें आंधी में गिरने से रोकने के लिए वन, पर्यावरण और नगर निगम अधिकारियों की एक समिति बनाई जाएगी, जो विशेषज्ञों से सलाह लेगी.
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक दक्षिण बंगाल में तेज आंधी, बिजली चमकने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पाकिस्तान से ओडिशा तक बने ट्रफ के कारण यह स्थिति बनी हुई है.
आईएमडी ने बैंकुरा, बीरभूम, पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर समेत कई जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. साथ ही मछुआरों को पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
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