
डेस्क: अफगानिस्तान की तालिबान शासन ने भारत के साथ आधिकारिक रूप से संबंध तोड़ लिए हैं. तालिबान के सत्ता कब्जाने के बाद दो साल से अफगान दूत भारत में काम कर रहे थे. भारत को भी इससे तकलीफ नहीं थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से दूतावास बंद करने की खबरें चल रही थी. अब तालिबान ने इन खबरों की पुष्टि की और कुछ दावों के साथ एक बयान जारी किए. भारत ने तालिबान को अफगानिस्तान की सरकार के रूप में मान्यता नहीं दी है और इसलिए दोनों देशों में कोई बातचीत भी नहीं है. जानें तालिबान ने इसके लिए क्या-क्या कारण गिनाए?
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