
नई दिल्ली. पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS dhoni) को प्रतिष्ठित आईसीसी हॉल ऑफ फेम (ICC Hall of Fame) में शामिल किया गया है, जो उनके शानदार क्रिकेट करियर (Cricket Career) का एक और अद्भुत अध्याय है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सोमवार को घोषणा की कि एमएस धोनी इस साल सम्मानित होने वाले सात क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिसमें मैथ्यू हेडन (ऑस्ट्रेलिया) और हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका) जैसे महान खिलाड़ी शामिल हैं. आइए देखते हैं धोनी ने सम्मान प्राप्त करने के बाद क्या कुछ कहा.
क्या कहा धोनी ने
एमएस धोनी ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा, “आईसीसी हॉल ऑफ फेम में नामित होना सम्मान की बात है, जो दुनिया भर के विभिन्न पीढ़ियों के क्रिकेटरों के योगदान को मान्यता देता है. ऐसे सर्वकालिक महान खिलाड़ियों के साथ अपना नाम देखना एक अद्भुत एहसास है. यह कुछ ऐसा है जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा.”
आईसीसी ने बयान में क्या कहा
बता दें कि दबाव में धैर्य बनाए रखने और बेजोड़ कौशल के साथ-साथ छोटे प्रारूपों में अग्रणी, एमएस धोनी को खेल के सबसे महान फिनिशरों, नेतृत्वकर्ताओं और विकेटकीपरों में से एक के रूप में जाना जाता है. ऐसे में आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल करके उन्हें सम्मानित किया गया है.
आईसीसी ने बयान में कहा, “भारत के लिए विभिन्न प्रारूपों में 17,266 अंतरराष्ट्रीय रन, 829 विकेट (विकेट के पीछे से) और 538 मैच खेलने वाले धोनी के आंकड़े न केवल उत्कृष्टता बल्कि असाधारण स्थिरता और फिटनेस को दर्शाते हैं.”
एमएस धोनी ने भारत को तीन प्रमुख आईसीसी खिताब – 2007 टी-20 विश्व कप, 2011 ओडीआई विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी दिलवाए.
एमएस धोनी की वनडे विरासत में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिसमें इस प्रारूप में सबसे ज्यादा स्टंपिंग (123), विकेटकीपर द्वारा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (183) और भारत के लिए कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा मैच (200) शामिल हैं, लेकिन उनके करियर का सबसे यादगार पल 2011 में आया, जब उन्होंने 28 साल के इंतजार के बाद भारत को विश्व कप जिताया.
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