img-fluid

चार साल में 32 किताबों को मिली हरी झंडी, जनरल नरवणे की ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अब भी रक्षा मंत्रालय में अटकी

February 07, 2026

नई दिल्ली। पिछले चार वर्षों में रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने सैन्य अधिकारियों की दर्जनों पुस्तकों (Books) को मंजूरी दी है, लेकिन भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (M.M. Naravane) की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) अब भी अनुमोदन की प्रक्रिया से बाहर नहीं आ सकी है। यह वही पुस्तक है, जिसका उल्लेख लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया था और जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई थी।

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच रक्षा मंत्रालय के पास कुल 35 पुस्तकों के शीर्षक अनुमोदन के लिए भेजे गए थे। इनमें से 32 को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि तीन शीर्षक लंबित बताए गए थे।


  • RTI दस्तावेजों के अनुसार, लंबित पुस्तकों में शामिल पूर्व सेना प्रमुख जनरल एन.सी. विज की किताब ‘अलोन इन द रिंग’ मई 2025 में प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा ब्रिगेडियर जीवन राजपुरोहित की पुस्तक को भी मंजूरी मिल गई है। इस तरह अब मंत्रालय के स्तर पर केवल जनरल नरवणे की किताब ही समीक्षा में बची हुई है।

    किताब में क्या है जो बना विवाद की वजह?
    जनरल एम.एम. नरवणे ने 2019 से 2022 तक भारतीय सेना की कमान संभाली थी। इसी दौरान पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था। दिसंबर 2023 में प्रकाशित ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कुछ अंश सामने आने के बाद सुरक्षा और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी।

    राहुल गांधी का दावा है कि किताब में 31 अगस्त 2020 की उस रात का जिक्र है, जब चीनी टैंक रेचिन ला क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे। उनके अनुसार, जनरल नरवणे ने लिखा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत के दौरान उन्हें एक बेहद कठिन परिस्थिति—जिसे उन्होंने ‘हॉट पोटैटो’ कहा—सौंप दी गई थी, जहां उन्हें तत्काल बड़े सैन्य निर्णय लेने पड़े।

    माना जा रहा है कि लद्दाख गतिरोध और सरकार के साथ हुए संवेदनशील सैन्य संवाद से जुड़े इन उल्लेखों के कारण ही रक्षा मंत्रालय पुस्तक की गहन समीक्षा कर रहा है।

    इस बीच जिन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की पुस्तकों को हाल में मंजूरी मिली है, उनमें लेफ्टिनेंट जनरल एस.ए. हसनैन, मेजर जनरल जी.डी. बख्शी और लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी जैसे नाम शामिल हैं।

    मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार पूर्व सेना प्रमुख का पूरा सम्मान करती है और विपक्ष इस विषय का उपयोग अनावश्यक विवाद खड़ा करने के लिए कर रहा है। वहीं, प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस और रक्षा मंत्रालय ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    Share:

  • The T20 World Cup का आज से महासंग्राम, पहले दिन तीन मुकाबले, भारत-अमेरिका की भी टक्कर

    Sat Feb 7 , 2026
    नई दिल्ली. आईसीसी (ICC) मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 (Men’s T20 World Cup 2026) की शुरुआत 7 फरवरी (शनिवार) से हो रही है. ये टूर्नामेंट भारत (India) और श्रीलंका (Sri Lanka) की सहमेजबानी में खेला जाना है. टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, लेकिन खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा ऑफ-फील्ड राजनीति और […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved