
नई दिल्ली. अमेरिका-इजरायल (America-Israel) और ईरान (Iran) के बीच जारी जंग (War) अब और खतरनाक मोड़ लेती नजर आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के राष्ट्रीय संबोधन (address) के तुरंत बाद ईरान ने मिसाइल (missiles) हमले कर दिए, जिससे यह साफ हो गया कि जंग फिलहाल थमने वाली नहीं है, बल्कि और तेज हो सकती है.
इजरायली सेना के मुताबिक, ट्रंप का भाषण खत्म होते ही ईरान की तरफ से मिसाइल लॉन्च का पता चला. सेना ने बयान जारी कर कहा कि “डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दी गई है और खतरे को रोकने के लिए इंटरसेप्शन जारी है.” इसके साथ ही कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम अलर्ट पर आ गए.
दरअसल, ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया था कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान की सैन्य ताकत को लगभग खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा, “हम अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को बहुत जल्द पूरा करने के रास्ते पर हैं.” इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी, “हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन्हें बेहद कड़ा जवाब देंगे… हम उन्हें स्टोन एज में वापस भेज देंगे.”
ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, वायुसेना बर्बाद हो गई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कमांड ढांचा लगातार टूट रहा है. उनके मुताबिक, “इतिहास में कभी किसी दुश्मन को इतने कम समय में इतना बड़ा नुकसान नहीं हुआ.”
हालांकि, ट्रंप के इन दावों के कुछ ही मिनटों बाद ईरान की तरफ से मिसाइल हमले इस बात का संकेत दे रहे हैं कि जमीनी हकीकत अलग है. ईरान लगातार मिडिल ईस्ट और इजरायल के ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिससे यह साफ है कि उसकी सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जंग खत्म होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट अपने आप खुल जाएगा. लेकिन मौजूदा हालात में यह रास्ता अब भी तनाव का केंद्र बना हुआ है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप का आक्रामक बयान और उसके तुरंत बाद ईरान का जवाब इस जंग को और भड़का सकता है. एक तरफ अमेरिका सैन्य दबाव बढ़ाने की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है. ईरान ने पहले भी चेतावनी दी थी कि अमेरिका से कोई डील नहीं हो रही है और जंग जारी रहेगी.
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