
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार (Global Oil Market) पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ी सख्ती और जहाजों की आवाजाही पर निगरानी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के कई देशों को कच्चे तेल की सप्लाई होती है। मौजूदा तनाव के कारण इस रूट पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की उपलब्धता पर असर पड़ा और कीमतों में तेजी आ गई। फरवरी से अब तक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि पिछले सप्ताह ही करीब 8 प्रतिशत उछाल दर्ज किया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर दबाव बना रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान को जल्द फैसला लेना होगा, वरना उसके पास कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान केवल एक परमाणु साइट संचालित करेगा और बाकी बंद करेगा। साथ ही हाई एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने की बात भी कही।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई संपत्तियों का बड़ा हिस्सा जारी नहीं करेगा और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का कोई मुआवजा भी नहीं दिया जाएगा।
वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता अबोलफजल शेकर्ची ने कहा कि यदि दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका और उसके सहयोगियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संसाधनों को निशाना बनाया जा सकता है।
इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के अल धफरा क्षेत्र स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी हिस्से में ड्रोन हमला होने की खबर भी सामने आई है। घटना के बाद मौके पर आग लग गई, हालांकि सुरक्षा और दमकल टीमों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
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