नई दिल्ली। भारतीय सेना (Indian Army) की पूर्वी कमान में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। लगभग चार दशक की सेवा के बाद राम चंदर तिवारी (Ram Chander Tiwari) गुरुवार को जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पद से सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर वीएमबी कृष्णन ने कमान संभाल ली है।
लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी का कार्यकाल पूर्वी क्षेत्र जैसे संवेदनशील सैन्य मोर्चे पर महत्वपूर्ण माना गया। उनके नेतृत्व में ऑपरेशनल तैयारी, आधुनिकीकरण और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए गए। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ सिविल प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय भी बेहतर किया गया।
उत्तर-पूर्व में स्थिरता पर रहा जोर
उनके कार्यकाल में उत्तर-पूर्व में शांति बनाए रखने के लिए काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की क्षमता वृद्धि और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीकों के उपयोग से कमान की कार्यक्षमता भी बढ़ाई गई। सेवानिवृत्ति के अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जवानों के प्रति आभार जताया, जबकि सेना ने उनके नेतृत्व को दूरदर्शी बताया।
वीएमबी कृष्णन ने संभाला पदभार
नए सेना कमांडर के रूप में पदभार संभालते ही लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारी उनकी प्राथमिकता रहेगी। 11 जून 1988 को भारतीय सेना में कमीशन पाने वाले कृष्णन को करीब चार दशक का अनुभव है। उन्होंने सियाचिन जैसे कठिन इलाकों में इन्फैंट्री बटालियन और ब्रिगेड की कमान संभाली है तथा इन्फैंट्री डिवीजन और ब्रह्मास्त्र कोर के जीओसी भी रह चुके हैं।
रणनीतिक स्तर पर उन्होंने रक्षा मंत्रालय (सेना) में सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक और भारतीय उच्चायोग लंदन में डिफेंस अटैची के रूप में सेवाएं दीं। सेना मुख्यालय में क्वार्टर मास्टर जनरल रहते हुए उन्होंने लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार पर काम किया।
पदभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और सभी रैंकों से उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीकी एकीकरण, संयुक्तता और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया, ताकि पूर्वी क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
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