
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक, एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों और निवेशकों को एक बड़ी राहत दी है। बुधवार को मौद्रिक नीति के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट किया कि रिजर्व बैंक के निरीक्षण के दौरान एचडीएफसी बैंक में प्रशासन या आचरण से जुड़ी कोई भी गड़बड़ी नहीं पाई गई है। उनका यह अहम बयान बैंक के अंतरिम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे और उसके तुरंत बाद बैंक के शेयरों में आई भारी गिरावट से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए आया।
गवर्नर मल्होत्रा ने बैंक की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों पर विराम लगाते हुए कहा कि रिज़र्व बैंक ने बैंक की बैठकों के विवरण की भी समीक्षा की है, और उसमें भी चिंता की कोई ठोस बात सामने नहीं आई है। उन्होंने याद दिलाया कि 19 मार्च को जारी अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में भी आरबीआई ने साफ किया था कि बैंक के आचरण या प्रशासन के बारे कोई चिंता वाली बात रिकॉर्ड पर नहीं है। बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के कयास लग रहे थे।
केंद्रीय बैंक ने एचडीएफसी बैंक की स्थिति को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। आरबीआई के अनुसार, “बैंक घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक’ है, इसकी वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है। इसका बोर्ड पेशेवर रूप से चलाया जाता है और इसके पास एक पूरी तरह से सक्षम प्रबंधन टीम है”। समय-समय पर होने वाले मूल्यांकन के दौरान भी इसके कामकाज में कोई खामी नहीं पाई गई है। एचडीएफसी बैंक के अलावा, गवर्नर मल्होत्रा ने पूरे भारतीय बैंकिंग सिस्टम को लेकर भी सकारात्मक बातें कहीं। उन्होंने बताया कि भारत की बैंकिंग प्रणाली बहुत लचीली, सुरक्षित और मजबूत है।
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