
मुंबई । बारामती विधानसभा उपचुनाव में (In Baramati Assembly By-election) सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत सुनिश्चत है (Sunetra Pawar’s unopposed Victory is Certain) ।
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने घोषणा की है कि कांग्रेस इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार वापस लेगी। पार्टी ने पहले इस सीट से आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था, जो उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ मैदान में थे। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और चुनाव को लेकर लगातार सियासी हलचल बनी हुई थी। बारामती सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होना है, लेकिन अब कांग्रेस के इस कदम के बाद चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें फोन करके अनुरोध किया था कि इस चुनाव को निर्विरोध कराया जाए। उन्होंने बताया कि सभी पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने यह फैसला लिया है। दरअसल, यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद हो रहा है। उनके विमान हादसे में निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। ऐसे में कई राजनीतिक दल और नेता चाहते थे कि उनकी विरासत का सम्मान करते हुए इस चुनाव को बिना मुकाबले के कराया जाए।
इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद हर्षवर्धन सपकाल को फोन कर सहयोग की अपील की थी। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने भी कांग्रेस हाईकमान से बातचीत की थी। इसके अलावा, लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से अपने उम्मीदवार को वापस लेने का अनुरोध किया था। कुछ घंटे पहले ही उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी व्यक्तिगत रूप से सपकाल से यही अपील की थी। वहीं, एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार भी गुरुवार सुबह सपकाल से मिले और उन्होंने भी कांग्रेस उम्मीदवार को वापस लेने की मांग की ताकि चुनाव निर्विरोध हो सके।
गौरतलब है कि कांग्रेस चाहती थी कि अजित पवार के विमान हादसे की जांच के लिए एफआईआर दर्ज हो और गंभीरता से जांच कराई जाए। इसलिए कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को उम्मीदवार भी बनाया था, लेकिन अब कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया है।
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