
कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Former Chief Minister Mamata Banerjee) विधानसभा चुनाव में हुई करारी हार के बाद एक बार फिर विवादों से घिरी हुईं हैं. उनके खिलाफ सिलिगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि उन्होंने ईद के एक कार्यक्रम के दौरान हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
इस मामले ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, ये शिकायत बीजेपी कार्यकर्ता और वकील रिंकी चटर्जी की ओर से दर्ज कराई गई है. शिकायत में कहा गया है कि ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल के दौरान और ईद कार्यक्रम में ऐसे बयान दिए, जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने पहले भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन तब कार्रवाई नहीं हुई.
TMC में आखिर क्या चल रहा है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये विवाद उस बयान से जुड़ा है जिसमें ममता बनर्जी ने बीजेपी की राजनीति पर निशाना साधते हुए कुछ टिप्पणियां की थीं. बीजेपी नेताओं ने इन बयानों को हिंदू समाज के खिलाफ बताया और इसे भड़काऊ राजनीति करार दिया. वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. इस पूरे मामले के बीच बंगाल की राजनीति और भी गरमा गई है. हाल ही में तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा है और पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें भी सामने आ रही हैं. फलता सीट पर बीजेपी की बड़ी जीत के बाद विपक्ष लगातार टीएमसी पर हमलावर है.
टीएमसी ने बीजेपी पर लगाए आरोप
इसी बीच सोमवार को पुलिस टीम टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास भी पहुंची थी. पुलिस टीम में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी जवान भी शामिल थे. वो वहां से सुरक्षा स्कैनिंग से जुड़ा एक LED TV मॉनिटर अपने साथ ले गई. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं. इससे पहले बंगाल में भ्रष्टाचार, वसूली, सरकारी धन में कारगुजारी और चुनाव के बाद हिंसा के आरोपों में एक हफ्ते के भीतर टीएमसी के 70 से ज्यादा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया गया है.
टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी जानबूझकर उनकी पार्टी के नेताओं को टारगेट कर रही है. टीएमसी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है. फिलहाल, अभी तक ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस FIR पर कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी.
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