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TCS ने घटाए फ्रेशर्स के ऑफर! 44 हजार से सीधे 25 हजार पर आई बात

April 12, 2026

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी TCS ने इस वित्त वर्ष (FY27) के लिए अब तक 25,000 फ्रेशर्स को जॉब ऑफर दिए हैं. पिछले कुछ सालों के मुकाबले यह संख्या कम जरूर है, लेकिन कंपनी का कहना है कि आगे की भर्ती पूरी तरह बिजनेस डिमांड पर निर्भर करेगी. कंपनी के CEO और MD के. कृतिवासन के मुताबिक, जैसे-जैसे प्रोजेक्ट्स और क्लाइंट की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे नए फ्रेशर्स को भी जोड़ा जा सकता है.

अगर पिछले साल (FY26) की बात करें, तो TCS ने करीब 44,000 फ्रेशर्स को नौकरी दी थी. यह किसी भी प्राइवेट कंपनी के लिए बड़ी संख्या मानी जाती है.लेकिन इस साल कंपनी थोड़ा सतर्क नजर आ रही है. इसकी एक बड़ी वजह मौजूदा ग्लोबल आर्थिक माहौल और क्लाइंट्स की खर्च करने की रणनीति है. CEO ने साफ कहा कि डिमांड की स्पष्टता आने पर ही आगे की हायरिंग होगी.


  • कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी हायरिंग स्ट्रेटजी में कोई बड़ा बदलाव नहीं कर रही है. ऐसा इसलिए क्यों की फ्रेशर्स को प्रोजेक्ट पर आने से पहले लगभग 6 से 9 महीने की ट्रेनिंग देनी पड़ती है, जबकि अनुभवी (lateral) कर्मचारी तुरंत काम शुरू कर सकते हैं. यही वजह है कि जब बिजनेस की तत्काल जरूरत होती है, तो कंपनियां लैटरल हायरिंग को प्राथमिकता देती हैं. फिर भी TCS ने यह साफ किया कि उसका डिलीवरी मॉडल पहले जैसा ही रहेगा और दोनों तरह की भर्ती जारी रहेगी.

    पिछले साल TCS ने करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिसमें ज्यादातर सीनियर लेवल के लोग शामिल थे. इस पर कंपनी का कहना है कि इसका AI से कोई सीधा संबंध नहीं था. असल में, प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का तरीका बदल रहा है, जिससे सीनियर लेयर की जरूरत कम हो गई है. कृतिवासन ने यह भी कहा कि जो कर्मचारी अच्छा प्रदर्शन करते हैं, उनके लिए कंपनी में लंबा और स्थिर करियर संभव है.

    TCS का कहना है कि मौजूदा समय में उसका प्रोजेक्ट पाइपलाइन स्थिर है, और कंपनी इसे सकारात्मक संकेत मानती है. डिस्क्रेशनरी खर्च में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है. नए प्रोजेक्ट्स में लागत कम करने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे काम शामिल हैं. FY26 में कंपनी ने 40 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए थे और अब इन प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू में तेजी आने की उम्मीद है.

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