
नई दिल्ली। भारतीय रेल देश के आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और गरीब व दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच बनाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। इसके तहत भारतीय रेलवे ने 2025-26 में 6000 किलोमीटर नई रेल लाइन के विस्तार को मंजूरी दी है, जो पिछले साल के मुकाबले 114% ज्यादा है।
इस बार खास जोर आदिवासी क्षेत्रों में नई रेल लाइन बिछाने और भीड़भाड़ वाले रूट को कम करने पर है, ताकि ट्रेन समय पर चलें और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। कुल ₹1.53 लाख करोड़ के निवेश के साथ यह पिछले साल से 110% ज्यादा है। इसके साथ ही 2025-26 में 100 नए प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं, जो 56% की बढ़ोतरी दिखाते हैं।
इन परियोजनाओं से यात्रा का समय कम होगा, रोजगार के मौके बढ़ेंगे, उद्योगों को फायदा मिलेगा और माल ढुलाई सस्ती होगी। महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में खास तौर पर रेल नेटवर्क मजबूत किया जाएगा, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही बेहतर होगी।
इसके साथ ही पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत ये प्रोजेक्ट बाजार, अस्पताल, शिक्षा और नौकरी तक लोगों की पहुंच आसान बनाएंगे। 35 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट (₹1000 करोड़ से ऊपर) भी शामिल हैं, जिनसे रेलवे की क्षमता और दक्षता बढ़ेगी और देशभर में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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