नई दिल्ली। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को भारत लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक प्रत्यर्पण मामले में अहम बाधाएं लगभग दूर हो चुकी हैं और इसी कड़ी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीमें लंदन में मौजूद हैं।
सूत्रों के अनुसार, लंदन में जांच एजेंसियों की सक्रियता इस बात का संकेत है कि कानूनी प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर है। जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होंगी, नीरव मोदी को भारत लाने की कार्रवाई शुरू हो सकती है। इसे सरकार के लिए बड़ी कानूनी और कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। CBI के मुताबिक, इसमें से करीब 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सीधे तौर पर नीरव मोदी से जुड़ी बताई गई है।
कब से जेल में है मोदी?
55 वर्षीय नीरव मोदी को 19 मार्च 2019 को ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित यह कारोबारी कभी लग्जरी ज्वेलरी ब्रांड और ग्लैमरस इवेंट्स में मौजूदगी के लिए जाना जाता था।
कानूनी रास्ते लगभग खत्म
हाल ही में ब्रिटेन की हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस ने मोदी की प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को फिर से खोलने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद उसके पास सीमित विकल्प बचे हैं। हालांकि उसने यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का रुख किया है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे प्रक्रिया में ज्यादा देरी की संभावना नहीं है।
कब हो सकता है प्रत्यर्पण?
आधिकारिक तौर पर तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में किसी भी वक्त प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण अब सिर्फ औपचारिकताओं का मामला माना जा रहा है। अगर यह जल्द होता है, तो यह न केवल आर्थिक अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों के लिए सख्त संदेश भी देगा।
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