नई दिल्ली। अगर आपका जन्म दिसंबर 2008 के बाद हुआ है, तो यूनाइटेड किंगडम (united kingdom) में आप जिंदगीभर सिगरेट (Cigarette) नहीं खरीद पाएंगे। ब्रिटिश संसद (British Parliament) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘टोबैको एंड वेप्स बिल’ को मंजूरी दे दी है, जो आने वाले समय में दुनिया के सबसे सख्त एंटी-स्मोकिंग कानूनों में शामिल होगा।
इस बिल के तहत 31 दिसंबर 2008 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को जीवनभर तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध रहेगा। यानी हर साल एक नई पीढ़ी कानूनी रूप से सिगरेट से दूर होती चली जाएगी।
इस कानून को अंतिम मंजूरी के लिए किंग चार्ल्स तृतीय के पास भेजा जाएगा, जिसे औपचारिक प्रक्रिया माना जा रहा है।
इस अभियान से जुड़ी संस्था एक्शन ऑन स्मोकिंग एंड हेल्थ की प्रमुख हेजल चीज़मैन ने कहा कि यह कदम धूम्रपान से होने वाले नुकसान को खत्म करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे “स्मोक-फ्री जेनरेशन” तैयार होगी।
फिलहाल ब्रिटेन में 18 साल से कम उम्र के लोगों को सिगरेट, तंबाकू या ई-सिगरेट बेचना पहले से ही गैरकानूनी है। लेकिन नया कानून इसे और सख्त बनाते हुए स्थायी प्रतिबंध लागू करेगा।
आंकड़े बताते हैं कि:
तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के इलाज पर नेशनल हेल्थ सर्विस को हर साल लगभग 3 अरब पाउंड खर्च करने पड़ते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड में धूम्रपान की वजह से समाज पर सालाना 21 से 27 अरब पाउंड तक का आर्थिक बोझ पड़ता है। इसमें इलाज के खर्च के साथ-साथ कामकाजी नुकसान भी शामिल है।
इस बिल की शुरुआत 5 नवंबर 2024 को हुई थी और अब संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है। हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने भी इसे मंजूरी दे दी है। शाही स्वीकृति के बाद यह कानून बन जाएगा।
ब्रिटेन का यह कदम वैश्विक स्तर पर तंबाकू नियंत्रण के लिए मिसाल बन सकता है। अगर योजना सफल रहती है, तो आने वाले दशकों में देश पूरी तरह “धुआं-मुक्त” हो सकता है।
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