
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय बलों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने दावा किया कि कई पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) बाहर से आए हैं और वे बीजेपी के निर्देशों के मुताबिक काम कर रहे हैं।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस तरह के माहौल में निष्पक्ष मतदान संभव है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले उनकी पार्टी के सभी झंडे हटा दिए गए और कुछ बाहरी लोग इलाके में मनमानी कर रहे हैं।
सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के मतदान केंद्र भी शामिल हैं। बाद में वह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के जरिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जा रही है और उनके कई कार्यकर्ताओं को जबरन उठाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूरी रात वे और अभिषेक बनर्जी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, केंद्रीय बलों या चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी।
ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि ममता बनर्जी सुबह-सुबह निकलकर वोटों का इंस्पेक्शन कर रही हैं। पहले, ममता बनर्जी आमतौर पर दोपहर 3 बजे तक वोट डालने के लिए निकल जाती थीं और 2-1 बूथ पर जाकर अपने घर चली जाती थीं। लेकिन इस बार एक अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है।
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