
नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी(US space agency NASA) नासा की एक नई उपलब्धि(A new achievement) ने खगोल विज्ञान की दुनिया(world of astronomy) में हलचल मचा दी है। वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शक्तिशाली टूल(Intelligence (AI)-based tool) ‘रेवन’ की(named RAVEN) मदद से अंतरिक्ष में 100 से अधिक नए एक्सोप्लैनेट (सौर मंडल के बाहर ग्रह) की पहचान(31 planets have been found) की है। इनमें 31 ग्रह पूरी तरह नए पाए गए हैं।
यह अध्ययन नासा के TESS mission (Transiting Exoplanet Survey Satellite) के डेटा पर आधारित है, जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के वैज्ञानिकों ने विश्लेषित किया है। यह शोध प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल Monthly Notices of the Royal Astronomical Society में प्रकाशित हुआ है।
AI टूल ‘रेवन’ कैसे कर रहा है काम?
शोधकर्ताओं के अनुसार, ‘रेवन’ एक ऐसा AI सिस्टम है जिसे लाखों सिमुलेटेड डेटा सेट पर प्रशिक्षित किया गया है। यह टूल यह पहचानने में सक्षम है कि किसी तारे की चमक में कमी किसी असली ग्रह के कारण है या किसी अन्य खगोलीय घटना के कारण।
22 लाख तारों का डेटा हुआ विश्लेषण
वैज्ञानिकों ने TESS मिशन के पहले चार वर्षों में जुटाए गए 22 लाख से अधिक तारों के डेटा का अध्ययन किया। इसी दौरान 118 नए ग्रहों की पुष्टि हुई और 2000 से ज्यादा संभावित ग्रहों की पहचान की गई, जिनमें लगभग 1000 नए संभावित ग्रह शामिल हैं।
खास तरह के दुर्लभ ग्रह भी मिले
इस खोज में कुछ बेहद असामान्य ग्रह भी मिले हैं, जिनमें ऐसे ग्रह शामिल हैं जो अपने तारे के बेहद करीब घूमते हैं और 16 दिनों से भी कम समय में एक चक्कर पूरा कर लेते हैंइसके अलावा कुछ ‘अल्ट्रा-शॉर्ट पीरियड प्लैनेट’ भी पाए गए हैं, जो अपने तारे का चक्कर 24 घंटे से भी कम समय में पूरा कर लेते हैं। साथ ही ‘नेप्च्यूनियन डेजर्ट’ क्षेत्र में भी कुछ दुर्लभ ग्रहों की पहचान हुई है, जहां ऐसे ग्रह बहुत कम पाए जाते हैं।
वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज ब्रह्मांड में ग्रहों की संरचना और उनके बनने की प्रक्रिया को समझने में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
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