
नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममता से पूछा गया कि क्या वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन गवर्नर के पास जाएंगी तो इस पर उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता है. इस पर लोकसभा सचिवालय के पूर्व महासचिव पीडी टी आचार्य का बयान आया है.
ममता बनर्जी के हार के बाद भी सीएम पद ना छोड़ने के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना पहले नहीं हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से मना कर दे. पता नहीं किस कंटेक्स्ट में उन्होंने ऐसा कहा है. लोकसभा सचिवालय के पूर्व महासचिव ने आगे कहा कि जब CM की पार्टी हार जाती है तो CM गवर्नर को इस्तीफा देते हैं और उस समय गवर्नर उनसे कहते हैं कि आप तब तक पद पर बने रहिए जब तक कि नया मुख्यमंत्री नहीं बन जाता है.
उन्होंने बताया कि कार्यवाहक CM का पद संविधान में नहीं है और वो CM के तरह ही काम करते हैं, जब तक कि नया CM नहीं बन जाता है. उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी रिजाइन करें या ना करें वो पश्चिम बंगाल की CM रहेंगी, लेकिन सिर्फ नया CM बनने तक ही वो इस पद पर रह पाएंगी. पीडी टी आचार्य ने बताया कि नया CM बनने के बाद शपथ दिलाई जाती है और उस वक्त ममता का कार्यकाल खत्म हो जाएगा. शपथ लेते ही नया CM बन जाएगा.
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रपति शासन article 356 के तहत तब लगाया जाता है जब पुराने CM को बर्खास्त किया जाता है. जैसे हाउस में No confidence motion पास हुआ और मुख्यमंत्री हार गए और कहते हैं कि इस्तीफा नहीं दूंगा तो ऐसे में राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है, पर यहां तो स्थिति बड़ी साफ है.
लोकसभा सचिवालय के पूर्व महासचिव ने बताया कि सीएम का पद खाली नहीं रहता है इसलिए जब तक नया मुख्यमंत्री नहीं बन जाता तबतक ममता ही मुख्यमंत्री रहेंगी. नए सीएम के शपथ लेते ही ममता बनर्जी का सीएम पद अपने आप ही खत्म हो जाएगा.
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