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इंदौर: मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर की बिक्री पर बैन लगेगा। असली पनीर के नाम से पाम आयल स्टार्च और केमिकल से तैयार किए जाने वाले एनालॉग पनीर की बिक्री को मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित किया जाएगा। मंगलवार को राज्य के चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इंदौर में यह घोषणा की। जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह स्वीकार किया कि मध्य प्रदेश में लोगों को बिना बताए एनालॉग पनीर की बिक्री हो रही है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। उन्होंने कहा “एनालॉग पनीर को लेकर एफएसएसएआई के स्पष्ट निर्देश हैं कि इसकी बिक्री बाकायदा पैकिंग के साथ लोगों को यह बताकर की जाए की यह एनालॉग पनीर है, लेकिन यह असली पनीर के नाम से लोगों को बेचे जाने के कारण इससे जन स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इसीलिए रक्षाबंधन के त्यौहार के अवसर पर 20 जुलाई से बाकायदा खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत इस तरह के दुग्ध उत्पाद की सेकंड चेकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा जल्द ही विभाग एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित करने के आदेश जारी कर देगा। इसके बाद ना तो मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की डंपिंग होने दी जाएगी, ना ही इसकी बिक्री राज्य में की जा सकेगी। आपको बता दें कि महाराष्ट्र सहित कई राज्य एनालॉग पनीर की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर चुके हैं।
आखिर क्या है एनालॉग पनीर
दरअसल, एनालॉग पनीर दूध के बजाय पाम आयल सस्ते वनस्पति सोयाबीन और तेल स्टार्च और केमिकल से तैयार किया जाता है। जाहिर है इस स्थिति में इसे खाने पर दिल की बमारियां, खराब कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। दरअसल, यह अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड होता है। इसलिए हानिकारक वसा और कैलोरी के कारण इसे खाते ही मोटापा तेजी से बढ़ता है, क्योंकि स्टार्च पचने में भारी होता है। केमिकल आदि के कारण भी पाचन क्रिया प्रभावित हो जाती है।
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