
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Khadge) ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर के मानवतावादी और प्रगतिशील दृष्टिकोण (Rabindranath Tagore’s humanistic and progressive Vision) आज भी प्रेरणादायक हैं (Is inspiring even Today) । महान कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस पार्टी ने श्रद्धांजलि अर्पित की ।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रवींद्रनाथ टैगोर का एक प्रसिद्ध विचार साझा किया। उन्होंने लिखा, “इससे बुरा कुछ नहीं कि समाज का एक वर्ग दूसरे वर्ग की राय को जबरदस्ती और उसकी इच्छा के खिलाफ दबाने की कोशिश करे।” इसके साथ ही मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने गुरुदेव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर एक दूरदर्शी मानवतावादी, महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के शब्दों ने भारत को राष्ट्रगान दिया और कई पीढ़ियों को स्वतंत्रता, सम्मान और करुणा की भाषा सिखाई। मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने कहा कि टैगोर की प्रगतिशील सोच और कालजयी कला आज भी लोगों के मन को रोशन कर रही है और पूरी मानवता को प्रेरित कर रही है।
कांग्रेस पार्टी ने भी अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट कर गुरुदेव को नमन किया। पार्टी ने लिखा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने विचारों, साहित्य और मानवता के संदेश के जरिए भारत की आत्मा को नई पहचान दी। कांग्रेस ने कहा कि उनका साहित्य, राष्ट्रभक्ति और शिक्षा के प्रति समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
बता दें कि रवींद्रनाथ टैगोर जयंती, जिसे ‘पोचिशे बोइशाख’ भी कहा जाता है, हर साल बंगाली महीने बैशाख की 25वीं तारीख को मनाई जाती है। इस साल पश्चिम बंगाल में यह दिन 9 मई को मनाया जा रहा है। मई 1861 में कोलकाता के प्रसिद्ध जोरासांको ठाकुर बाड़ी में जन्मे रवींद्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य और संस्कृति की सबसे बड़ी हस्तियों में गिने जाते हैं। वे कवि, उपन्यासकार, नाटककार, दार्शनिक और गीतकार थे। वर्ष 1913 में वे साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले गैर-यूरोपीय बने। उन्होंने भारत के राष्ट्रगान के साथ-साथ बांग्लादेश के राष्ट्रगान की भी रचना की।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved