
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के बाद अब गुजरात को सेवा क्षेत्र में भी शीर्ष स्थान पर पहुंचना होगा। वह गणेश हाउसिंग के मिलियन माइंड्स टेक पार्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर अहमदाबाद को बंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे प्रमुख तकनीकी केंद्रों के समकक्ष खड़ा होना है, तो ऐसी आधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बेहद जरूरी हैं।
अमित शाह ने कहा कि गुजरात ने विनिर्माण, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, हरित ऊर्जा, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और निवेश जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन काम किया है। हालांकि, अब समय आ गया है कि गुजरात को सेवा क्षेत्र में भी देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल कराया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि जब भी गुजरात किसी क्षेत्र में दृढ़ संकल्प के साथ कदम रखता है, तो उसे शीर्ष तीन में जगह बनाने में देर नहीं लगती। राज्य आईटी क्षेत्र में भी यही सफलता दोहराएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन गुजरात में प्रौद्योगिकी, नवाचार, ज्ञान, उद्यमिता और उच्च कौशल आधारित उद्योगों को आकर्षित करना है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य अत्याधुनिक तकनीकों के मामले में देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों के डीएनए में ही उद्यमिता की भावना है। सरकार ने मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण कर इस खूबी को और बढ़ावा दिया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर का मतलब नीतियां, अनुकूल माहौल, वित्तीय तंत्र, सक्रिय दृष्टिकोण और ‘वाइब्रेंट गुजरात’ जैसे मंच प्रदान करना था।
अमित शाह ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में पीएम मोदी ने टेक पार्क और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। इसी कड़ी में 1,100 करोड़ रुपये की लागत से बना मिलियन माइंड्स टेक पार्क 13.5 लाख वर्ग फुट में फैला है। इसके पहले चरण में 9,000 उच्च कुशल पेशेवरों को काम करने का शानदार माहौल मिलेगा। सभी सात चरण पूरे होने पर इस परियोजना से 63,000 से अधिक उच्च-मूल्य वाली नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री ने जीआरईएमआई सिटी कैंपस को भी रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावी शहरी नियोजन के बिना शहरों को रहने योग्य नहीं बनाया जा सकता। 30,000 वर्ग फुट में फैले इस कैंपस में पहले बैच के 300 छात्र पढ़ेंगे। इसके अलावा, अहमदाबाद के पास 100 एकड़ में 500 करोड़ रुपये की लागत से एक मुख्य परिसर बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
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