
नई दिल्ली(New Delhi)। पाकिस्तान(Pakistan) के पेशावर(Peshawar) शहर में स्थित भारतीय सिनेमा(Indian cinema) के दो महान कलाकारों दिलीप कुमार(Dilip Kumar) और राज कपूर(Raj Kapoor) के पैतृक घर गंभीर संकट (grave peril)में हैं। लगातार बारिश, हालिया भूकंप और लंबे समय से चल रही अनदेखी के कारण ये ऐतिहासिक इमारतें बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं और इनके कभी भी ढहने का खतरा बढ़ गया है।
पेशावर के पुराने इलाकों में स्थित कपूर हवेली और दिलीप कुमार का पुश्तैनी घर आज अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। कभी भव्य मानी जाने वाली ये इमारतें अब दरारों, टूटी दीवारों और ढहती छतों के साथ खंडहर का रूप ले चुकी हैं।
धरोहर घोषित, लेकिन हालात नहीं बदले
स्थानीय प्रशासन ने साल 2016 में इन दोनों इमारतों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर संरक्षण का काम लगभग ठप पड़ा हुआ है। समय-समय पर मरम्मत और संरक्षण के लिए बजट मंजूर किए जाने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2021-22 में इन इमारतों की खरीद और संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जबकि 2025 में एक बार फिर पुनर्निर्माण के लिए बजट पास किया गया, लेकिन फाइलों से बाहर कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी।
प्राकृतिक आपदाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
हाल ही में आए भूकंप और लगातार बारिश ने इन इमारतों की हालत और खराब कर दी है। कई हिस्सों में दीवारें कमजोर हो चुकी हैं और छतों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द संरक्षण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ये ऐतिहासिक धरोहरें पूरी तरह खत्म हो सकती हैं।
सांस्कृतिक विरासत पर संकट
स्थानीय सांस्कृतिक विशेषज्ञों और विरासत संगठनों ने सरकार की लापरवाही पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ये केवल इमारतें नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप के फिल्म इतिहास से जुड़ी अनमोल यादें हैं, जिन्हें बचाना बेहद जरूरी है।अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पेशावर की ये ऐतिहासिक धरोहरें हमेशा के लिए इतिहास के मलबे में खो सकती हैं।
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