
चेन्नई। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की सरकार ने राज्य की लंबे समय से चली आ रही दो-भाषा नीति को जारी रखने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने साफ कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान इस नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में राजमोहन ने कहा कि राज्य के स्कूलों में तमिल और अंग्रेजी की दो-भाषा प्रणाली जारी रहेगी। उन्होंने इसे तमिलनाडु और टीवीके सरकार की मूल विचारधारा बताया।
स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने कहा, ‘अंग्रेजी पर्याप्त है और टीवीके किसी भी तरह के अप्रत्यक्ष दबाव के आगे नहीं झुकेगी। पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा पर कोई समझौता नहीं होगा।’ राजमोहन ने कहा कि तमिल राज्य के भीतर संवाद की मुख्य भाषा बनी रहेगी, जबकि बाहरी दुनिया और वैश्विक अवसरों से जुड़ने का माध्यम अंग्रेजी भाषा होगी। उन्होंने कहा, ‘दो-भाषा नीति टीवीके की घोषित विचारधारा है।’
मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार PM SHRI योजना समेत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने पर जोर दे रही है। PM SHRI योजना में शामिल होने के सवाल पर राजमोहन ने कहा कि राज्य सरकार पहले यह जांच करेगी कि योजना की शर्तें तमिलनाडु की शैक्षणिक प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप हैं या नहीं। इसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार किसी भी प्रकार के अप्रत्यक्ष दबाव के आगे नहीं झुकेगी और शिक्षा में भाषा नीति को लेकर तमिलनाडु की पुरानी स्थिति बरकरार रखी जाएगी। राजमोहन ने कहा कि दो-भाषा व्यवस्था केवल प्रशासनिक नीति नहीं, बल्कि तमिल भाषा की सुरक्षा और छात्रों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह रुख सांस्कृतिक स्वाभिमान और छात्रों के व्यावहारिक सशक्तिकरण दोनों से जुड़ा हुआ है।
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