
डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नवीनतम वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने की कोशिश करते हुए आम नागरिकों पर बोझ डाल रही है। उनकी यह टिप्पणी राज्य-संचालित तेल विपणन कंपनियों द्वारा एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के बाद आई है। यह वृद्धि वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हुई है।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछली मूल्य वृद्धि को मुश्किल से चार दिन हुए हैं, और मोदी सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं का बोझ जनता पर डालने की प्रक्रिया में पूरी तरह से जुटी है। कांग्रेस नेता ने भारत के तेल आयात और विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी को रूसी तेल खरीदने की अनुमति के लिए अमेरिका से एक महीने का विस्तार मांगने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा है।
खरगे ने कहा कि ऐसा बार-बार करके वे 1.4 अरब भारतीयों के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं, और किसी भी पिछली सरकार ने ऐसे उपाय नहीं किए थे। उन्होंने ईंधन मूल्य वृद्धि के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया और पूछा कि यदि सरकार को ऐसा करने की अनुमति मिली है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बोझ अभी भी आम लोगों पर क्यों डाला जा रहा है। खरगे ने भाजपा सरकार पर आर्थिक स्थिति को संभालने में दूरदर्शिता और नेतृत्व की कमी का भी आरोप लगाया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी टिप्पणी में सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले बड़े-बड़े बयान दिए और मितव्ययिता का उपदेश दिया। लेकिन अब अपनी विफलताओं का बोझ जनता पर डाल रही है। खरगे ने जोर देकर कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम नागरिकों को परेशान कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, ‘मोदी, जो खुद को ‘विश्व गुरु’ होने का झूठा दावा करते हैं, उन्हें रूसी तेल खरीदने की अनुमति के लिए अमेरिका से एक महीने का विस्तार मांगने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा है।’ खरगे ने आरोप लगाया कि यह कदम 1.4 अरब भारतीयों के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि केवल विदेश में प्रायोजित प्रचार अभियान चलाने से कोई विश्व गुरु नहीं बन जाता। खरगे ने मोदी से जनता के प्रति जवाबदेही दिखाने का आग्रह किया।
खरगे ने भाजपा सरकार पर दूरदर्शिता और नेतृत्व की गंभीर कमी का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि जब संकट आया, तो सरकार चुनावों में व्यस्त रही और मीठी-मीठी बातें करते हुए जनता को लूटने की योजना बनाती रही। खरगे ने कहा कि जनता आप आम कैसे खाते हैं या कौन सा टॉनिक पीते हैं जैसी तुच्छ बातों में दिलचस्पी नहीं रखती। उन्होंने प्रधानमंत्री से वास्तविक सवालों से न भागने और संकट से निपटने के लिए व्यक्तिगत रूप से क्या कर रहे हैं, इसका जवाब देने को कहा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved