
नई दिल्ली(New Delhi)। 90 के दशक के मशहूर प्लेबैक सिंगर(renowned playback singer) कुमार सानू(Kumar Sanu) ने अपनी सुरीली आवाज से हिंदी सिनेमा (Hindi cinema)पर लंबे समय तक राज किया। लेकिन सफलता के शिखर पर पहुंचने (reaching the pinnacle of success)के बाद उनके करियर में एक ऐसा भी दौर आया, जब उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलना लगभग बंद हो गया(virtually stopped receiving work) था।90 के दशक के सुपरहिट सिंगर कुमार सानू (singer Kumar Sanu)एक दौर में काम की कमी से जूझ रहे थे और भावुक होकर रो पड़े थे। बाद में अनु मलिक (Anu Malik)के जरिए उन्हें फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ में बड़ा कमबैक मिला।
रिपोर्ट्स और रियलिटी शो में साझा किए गए किस्सों के मुताबिक, इस मुश्किल समय में जब उन्हें लगातार काम नहीं मिल रहा था, तब वह बेहद भावुक हो गए थे। बताया जाता है कि संगीतकार अनु मलिक के सामने एक मुलाकात के दौरान कुमार सानू फूट-फूटकर रो पड़े थे और उन्होंने अपना दर्द साझा किया था।
अनु मलिक ने एक टीवी शो में बताया था कि उस दौर में वह भी लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री से दूर थे और काम की कमी झेल रहे थे। इसी बीच फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा का संदेश उन्हें मिला, जिसके बाद एक नए प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू हुई।
इसी दौरान अनु मलिक ने सुझाव दिया कि इस फिल्म के एक गाने के लिए कुमार सानू की आवाज ली जाए, क्योंकि कहानी का एक किरदार उनका बड़ा फैन दिखाया गया था। इसके बाद अनु मलिक ने कुमार सानू को अपने घर बुलाया और उन्हें एक नया गाना ऑफर किया।
यह सुनते ही कुमार सानू भावुक हो गए और बताया जाता है कि उन्होंने अनु मलिक के कंधे पर सिर रखकर रोते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ (2015) के लिए गाना ‘तुम से मिले दिल में उठा दर्द करारा’ गाया, जिसे काफी सराहा गया और इसे उनके कमबैक के रूप में देखा गया।
कुमार सानू 90 के दशक में हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े गायकों में से एक रहे हैं। ‘आशिकी’, ‘साजन’, ‘दीवाना’ और ‘बाज़ीगर’ जैसी फिल्मों के गानों ने उन्हें अपार लोकप्रियता दिलाई थी। उन्होंने अपने करियर के पीक दौर में लगातार पांच साल तक फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीते और एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।
हालांकि बदलते समय और नए सिंगर्स के आने के बाद उनकी फिल्मों में सक्रियता कम हो गई, लेकिन आज भी उनकी आवाज़ को हिंदी संगीत का सुनहरा दौर माना जाता है।
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