
इंदौर। ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी 25 मई को सूर्यनारायण कृतिका से रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 8 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। सूर्य के नक्षत्र बदलते ही नौतपे की शुरुआत हो जाएगी। पिछले बीस दिनों से शहर का पारा 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है। नौतपे का आगमन और अधिक प्रचण्ड गर्मी का अहसास करा रहा है।
उल्लेखनीय है कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा शुरू हो जाता है। विगत कुछ वर्षों से सूर्यनारायण लगभग 25 मई को ही रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। इस बार भी सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में 25 मई की प्रात: में 9 बजकर 39 मिनट पर प्रवेश करेंगे, जो 8 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इन दिनों के प्रथम 9 दिन यानी 25 मई से 2 जून तक नवतपा माना जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक रहता है, इस कारण इन 9 दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है। इसी कारण यह नौतपा कहलाता है, वहीं ज्योतिष गणना के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है।
चंद्रमा होता है रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह
दरअसल रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा होता है। सूर्य तेज और प्रताप का प्रतीक माना जाता है, जबकि चंद्र शीतलता का प्रतीक है। सूर्य जब चंद्र के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करता है तो सूर्य इस नक्षत्र को अपने प्रभाव में ले लेता है, जिसके कारण ताप बहुत अधिक बढ़ जाता है। इस दौरान ताप बढ़ जाने के कारण पृथ्वी पर आंधी और तूफान आने लगते हैं। इन दिनों में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है।
शुक्र रस प्रधान ग्रह , इसलिए गर्मी से राहत दिलाएगा
इस बार नौतपा के दौरान 30 मई को शुक्र ग्रह कर्क राशि में संचार आरम्भ करेगा। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। शुक्र रस प्रधान ग्रह है, इसलिए वह गर्मी से राहत भी दिलाएगा। इसलिए देश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और कुछ जगहों पर तेज हवा और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना ज्यादा है। नौतपा के आखिरी दो दिन बारिश होने के भी योग है।
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