वॉशिंगटन। दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट सिस्टम में शामिल एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी (SpaceX) का महत्वाकांक्षी स्पेसक्राफ्ट स्टारशिप (Starship) एक बार फिर सुर्खियों में है। टेक्सास से लॉन्च हुए स्टारशिप ने अंतरिक्ष में सफल उड़ान भरने के बाद हिंद महासागर में हार्ड स्प्लैशडाउन किया, लेकिन पानी में उतरते ही उसमें जोरदार विस्फोट हो गया। इस धमाके का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हालांकि इस विस्फोट ने लोगों को चौंका दिया, लेकिन स्पेसएक्स ने इसे असफलता नहीं बल्कि मिशन का अहम हिस्सा बताया है। कंपनी के अनुसार, सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि स्टारशिप तय मार्ग पर उड़ान भरते हुए सुरक्षित तरीके से निर्धारित क्षेत्र तक पहुंचा और नियंत्रित तरीके से समुद्र में उतरा।
स्पेसएक्स ने अपने स्टारबेस लॉन्च साइट, टेक्सास से इस नेक्स्ट जेनरेशन रॉकेट सिस्टम की टेस्टिंग की। स्टारशिप को सुपर हेवी बूस्टर की मदद से लॉन्च किया गया। कंपनी इस रॉकेट को भविष्य में इंसानों को चांद और मंगल ग्रह तक पहुंचाने के मिशन के लिए तैयार कर रही है।
लॉन्च के बाद स्टारशिप सफलतापूर्वक बूस्टर से अलग हुआ और पृथ्वी की कक्षा के करीब पहुंचते हुए अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट ने धरती की ओर वापसी शुरू की।
विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी स्पेसक्राफ्ट के लिए धरती के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करना सबसे चुनौतीपूर्ण चरण होता है। वापसी के दौरान स्टारशिप बेहद तेज गति से वायुमंडल में दाखिल हुआ। इसकी स्पीड कम करने और सही दिशा में लाने के लिए लैंडिंग बर्न प्रक्रिया शुरू की गई।
पानी में उतरने से ठीक पहले स्टारशिप ने खुद को सीधी स्थिति में लाने में सफलता हासिल की। इसे मिशन की बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है। जैसे ही स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर की सतह से टकराया, उसमें जोरदार धमाका हो गया और वह मलबे में बदल गया।
स्पेसएक्स का कहना है कि इस मिशन का उद्देश्य रॉकेट को सुरक्षित वापस लाने की तकनीक का परीक्षण करना था, न कि उसे दोबारा इस्तेमाल करना। कंपनी ने पहले ही हिंद महासागर के सुनसान इलाके को लैंडिंग जोन के रूप में चुना था ताकि किसी तरह का खतरा न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टारशिप का नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर लौटना और तय स्थान तक पहुंचना अपने आप में बड़ी सफलता है। यही वजह है कि विस्फोट के बावजूद Elon Musk और उनकी टीम इस मिशन को सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
स्पेसएक्स लगातार स्टारशिप सिस्टम को बेहतर बनाने में जुटा है। आने वाले वर्षों में यही स्पेसक्राफ्ट इंसानों को चंद्रमा और मंगल ग्रह तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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