
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (SKAT) एक बार फिर अपने शानदार हवाई करतबों से आसमान को रोशन करने के लिए तैयार है.जोश और जज्बे से भरी टीम अपने गठन के 30 साल पूरे होने का जश्न मना रही है. सूर्यकिरण टीम की स्थापना साल 1996 में हुई थी और यह भारतीय वायुसेना की आधिकारिक एरोबेटिक एम्बेसडर मानी जाती है.
वायुसेना द्वारा जारी एक खास वीडियो में नौ हॉक विमानों की बेहतरीन फॉर्मेशन, रंग-बिरंगी स्मोक ट्रेल्स और पायलटों के कठिन हवाई करतबों को दिखाया गया है. वीडियो में टीम के नौ पायलटों की सटीक तालमेल और लंबे अभ्यास की झलक भी देखने को मिलती है.
वीडियो में Sadaiva Sarvottam यानी हमेशा सर्वश्रेष्ठ का संदेश भी दिया गया है, जो टीम की पहचान बन चुका है. इस वीडियो में आसमान में पायलट एक से बढ़कर शानदार करतब दिखाते नजर आ रहे हैं. टीम में 9 हॉक एमके-132 (Hawk Mk-132) विमान शामिल हैं, जो समय में आसमान में कलाबाजियां दिखाते है.
कार्यक्रम से तीन दिन पहले जारी इस संदेश ने लोगों में एयर शो को लेकर उत्साह बढ़ा दिया है. सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अब तक दुनिया भर में 800 से ज्यादा एयर डिस्प्ले कर चुकी है और मई 2026 में एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करने जा रही है.
पिछले 30 सालों से, भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (SKAT) अपने चमकीले लाल और सफेद रंग के प्रशिक्षण जेट विमानों द्वारा सटीक उड़ान, गोता लगाना, लूप बनाना, बैरल रोल करना, उलटी उड़ान भरना और अन्य लुभावने हवाई करतबों का प्रदर्शन करती है और तिरंगे के रंगों से आकाश को रंग देती है. यह टीम देश और विदेश में दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने में कभी असफल नहीं रही है.
1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम जिसे भारतीय वायु सेना के राजदूत के रूप में जाना जाता है, एशिया की एकमात्र 9 विमानों वाली एरोबेटिक टीम है. विशेष लाल और सफेद रंग के हॉक एमके-132 जेट विमानों को उड़ाते हुए यह टीम अपने सटीक गठन और समन्वित युद्धाभ्यासों के लिए जानी जाती है.
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