नई दिल्ली। भीषण गर्मी (Severe heat) के बीच कार का एयर कंडीशनर (Air Conditioner) अब लग्जरी नहीं, जरूरत बन चुका है। हालांकि ठंडी हवा का आराम आपकी जेब पर भी असर डालता है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक, कार का AC एक घंटे में करीब 0.2 से 0.8 लीटर तक अतिरिक्त पेट्रोल या डीजल खर्च कर सकता है। यही नहीं, लगातार AC चलाने से कार की कुल फ्यूल खपत में 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
AC ऑन होते ही इंजन पर बढ़ता है लोड
दरअसल, कार का एयर कंडीशनर सीधे इंजन से जुड़ा होता है। AC का कंप्रेसर इंजन की ताकत से चलता है। जैसे ही ड्राइवर AC ऑन करता है, इंजन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है और उसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसी वजह से ईंधन की खपत बढ़ जाती है, खासकर शहर के ट्रैफिक में जहां बार-बार ब्रेक और एक्सिलरेशन होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य मौसम और सामान्य ड्राइविंग में AC चलाने से लगभग 0.2 से 0.4 लीटर अतिरिक्त ईंधन प्रति घंटे खर्च होता है। हालांकि यह आंकड़ा कार के इंजन, बाहरी तापमान और AC की सेटिंग्स पर निर्भर करता है। तेज गर्मी में केबिन को ठंडा करने के लिए AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल कंजम्प्शन और बढ़ जाता है।
छोटी कार और SUV में बड़ा फर्क
वाहन का आकार भी AC की खपत तय करता है। छोटी हैचबैक कारों में केबिन छोटा होने के कारण कम कूलिंग की जरूरत पड़ती है, इसलिए उनमें ईंधन की अतिरिक्त खपत कम होती है। वहीं बड़ी SUVs में बड़ा केबिन और भारी कंप्रेसर होने की वजह से AC लगभग 0.8 लीटर प्रति घंटे तक अतिरिक्त ईंधन खर्च करा सकता है।
माइलेज पर पड़ता है सीधा असर
अगर आप लंबे समय तक लगातार AC चलाते हैं तो कार का माइलेज कम हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कार बिना AC के 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो AC चलाने पर यह आंकड़ा घट सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्रा में AC इस्तेमाल करने से कुल ईंधन खपत 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
खड़ी कार में AC चलाना सबसे ज्यादा नुकसानदायक
कई लोग पार्किंग या इंतजार के दौरान इंजन चालू रखकर AC चलाते रहते हैं। यह आदत सबसे ज्यादा ईंधन बर्बाद करती है, क्योंकि इंजन लगातार पेट्रोल या डीजल जलाता रहता है लेकिन कार आगे नहीं बढ़ती। यानी ईंधन खर्च होता रहता है और माइलेज शून्य रहता है।
हाईवे पर हमेशा फायदेमंद नहीं खुली खिड़कियां
लोग अक्सर सोचते हैं कि AC बंद कर खिड़कियां खोलने से ईंधन बच जाएगा, लेकिन हाईवे पर यह तरीका हमेशा सही साबित नहीं होता। 80 किमी प्रति घंटा या उससे ज्यादा रफ्तार पर खुली खिड़कियां हवा का दबाव बढ़ा देती हैं। इससे इंजन को अतिरिक्त ताकत लगानी पड़ती है और कई बार AC चलाना ज्यादा किफायती साबित होता है।
नियमित सर्विस से कम होगा फ्यूल खर्च
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि AC सिस्टम की समय-समय पर सर्विस करानी चाहिए। केबिन एयर फिल्टर बदलवाने और रेफ्रिजरेंट गैस की जांच कराने से AC बेहतर काम करता है और इंजन पर कम दबाव पड़ता है। सही तरीके से मेंटेन किया गया AC बेहतर कूलिंग के साथ कम ईंधन खर्च करता है।
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