
नई दिल्ली। यह समय देश में हवाई यात्रा (air travel) का ‘पीक सीजन’ है, लेकिन इसी बेहद व्यस्त समय में देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस एअर इंडिया (एयर इंडिया एक्सप्रेस सहित) और इंडिगो द्वारा अपनी घरेलू उड़ानों में कटौती शुरू कर दी गई है। चूंकि भारतीय घरेलू विमानन बाजार में इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी दो तिहाई से अधिक है, इसलिए इस कटौती ने यात्रियों की मुश्किलें अत्यधिक बढ़ा दी हैं। सिर्फ दिल्ली की बात करें तो देश के सबसे बड़े एविएशन हब, आईजीआई एयरपोर्ट पर एअर इंडिया और इंडिगो द्वारा घरेलू उड़ानों में की गई कटौती का असर यात्रियों पर दिखना शुरू हो गया है।
किराया 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा
उड़ानों के रद होने या रिशेड्यूल होने के कारण बचे हुए विमानों की सीटों की मांग बढ़ गई है। ट्रैवल पोर्टल्स के ट्रेंड्स बताते हैं कि दिल्ली से चलने वाली उड़ानों के ‘लास्ट मिनट’ या ‘स्पाट फेयर’ में पिछले हफ्ते के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत का उछाल आया है।
दिल्ली-मुंबई रूट की बात करें तो इस सबसे व्यस्त रूट पर सामान्य दिनों में मिलने वाला टिकट अब आखिरी समय में 12,000 से 16,000 के बीच मिल रहा है। बिजनेस क्लास की बात करें तो 50000 को पार कर चुका है। दिल्ली-चेन्नई व बेंगलुरु रूटों पर भी इकोनाॅमी क्लास का अधिकतम किराया 14,000 से 15000 तक पहुंच चुका है। दिल्ली-लखनऊ व पटना रूट पर भी पीक आवर्स की टिकटें 7,500 से 9,000 के पार जा रही हैं।
एयरपोर्ट टर्मिनल्स पर बढ़ा दबाव और फुल फ्लाइट्स
उड़ानें कम होने का मतलब यह नहीं है कि यात्रियों की संख्या कम हुई है। अब कम उड़ानों में ही ज्यादा यात्रियों को एडजस्ट किया जा रहा है। दिल्ली से टेकआफ करने वाली लगभग हर घरेलू उड़ान का पैसेंजर लोड फैक्टर 90 प्रतिशत से ऊपर चल रहा है, यानी लगभग हर फ्लाइट पूरी तरह फुल जा रही है। आईजीआई एयरपोर्ट के सभी टर्मिनल पर सुरक्षा जांच और बोर्डिंग गेट्स पर यात्रियों की भीड़ सामान्य से अधिक देखी जा रही है।
दिल्ली आने वाले ‘ट्रांजिट यात्रियों’ की मुसीबत
आईजीआई एयरपोर्ट सिर्फ दिल्लीवालों के लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल) के लिए एक बड़ा ट्रांजिट हब है। जो यात्री पंजाब या हरियाणा से घरेलू उड़ान पकड़कर दिल्ली आते हैं और फिर यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ान लेते हैं, उन्हें उड़ानों में कमी होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
सीधी उड़ान नहीं तो वाया रूट का सहारा
दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु या चेन्नई जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ान की टिकटें न मिलने या अत्यधिक महंगी होने के कारण यात्री अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेने को मजबूर हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली से मुंबई जाने के लिए यात्री वाया जयपुर, वाया अहमदाबाद या वाया हैदराबाद होकर जाने वाली उड़ानें बुक कर रहे हैं।
यात्रियों का बिगड़ा बजट
सामान्य तौर पर दिल्ली से मुंबई की दूरी दो घंटे में पूरी होती है, लेकिन कनेक्टिंग फ्लाइट्स के कारण यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में पांच से आठ घंटे का समय लग रहा है। इसके बावजूद, मजबूरी में लास्ट-मिनट बुक की जा रही इन कनेक्टिंग उड़ानों का किराया भी कई रूट्स पर सामान्य से काफी अधिक चुकाना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
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