
इंदौर। इंदौर के शिवाजी मार्केट (Shivaji Market) की सवा सौ दुकानों को ढहाने की नगर निगम की रणनीति पर हाईकोर्ट ने पानी फेर दिया है। संभागायुक्त कोर्ट (Divisional Commissioner’s Court) से अपील खारिज होने के बाद निगम 30 मई की सुबह कार्रवाई की तैयारी में था, लेकिन अवकाशकालीन बेंच ने स्टे देकर फिलहाल दुकानों को बचा लिया है।
निगम की ‘सुपरफास्ट’ प्लानिंग और कोर्ट का पेंच
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की कोर्ट में 27 मई की देर शाम तक जिरह चली और उसी तारीख में अपील निरस्त करने का आदेश जारी हो गया। आदेश मिलते ही निगम ने पुलिस बल मांगा और 30 मई को मार्केट तोड़ने का समय तय कर लिया।
आदेश की कॉपी मिलने से पहले ही दुकानदारों के वकीलों ने पुरानी याचिका के आधार पर हाईकोर्ट में मेंशन लिया। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। आगामी सुनवाई की तारीख 15 जून रखी गई है।
विवाद क्या है?
नगर निगम ने दुकानदारों की लीज निरस्त कर दी थी, जिसे दुकानदारों ने कोर्ट में चुनौती दी है। उनका आरोप है कि बिना उचित सुनवाई के आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई गई है।
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