
नई दिल्ली । बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह फिल्म की कमाई या स्टारकास्ट नहीं बल्कि इसके कथानक को लेकर चल रहा विवाद है। जहां एक ओर कुछ वर्ग इस फिल्म को ‘प्रोपेगैंडा’ करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अब इस विवाद में कराची के पूर्व मेयर (Former Mayor) और पाकिस्तानी पत्रकार आरिफ अजाकिया (Arif Aajakia) का बयान सामने आने के बाद नई बहस छिड़ गई है। उनके दावे ने फिल्म को लेकर जारी आलोचनाओं और समर्थन दोनों को और अधिक तीखा बना दिया है।
आरिफ अजाकिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘धुरंधर’ में जिन घटनाओं को दिखाया गया है, वे काल्पनिक नहीं बल्कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं, जिन्हें उन्होंने स्वयं अपने जीवनकाल में देखा है। उन्होंने दावा किया कि जिस समय की कहानी फिल्म में दिखाई गई है, उस दौर में वे कराची के ल्यारी क्षेत्र में मौजूद थे और वहां के हालात को करीब से जानते थे। उनके अनुसार फिल्म में दिखाए गए कई घटनाक्रम वास्तविक परिस्थितियों से प्रेरित हैं और उनमें काफी हद तक सच्चाई झलकती है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब फिल्म को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में तीखी बहस जारी है। कुछ आलोचक फिल्म को एकतरफा प्रस्तुति बताते हुए इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इसके समर्थक इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित सिनेमाई प्रस्तुति बता रहे हैं। आरिफ अजाकिया के इस दावे ने उन लोगों को भी चर्चा में ला दिया है जो अब तक फिल्म को काल्पनिक या बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत कहानी मान रहे थे।
पूर्व मेयर ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह कराची में पैदा हुए और वहीं पले-बढ़े हैं, जिससे उन्हें उस दौर की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव है। उन्होंने कहा कि ल्यारी क्षेत्र उस समय कई जटिल परिस्थितियों से गुजर रहा था और वहां की घटनाओं को फिल्म में काफी हद तक दर्शाया गया है। उनके अनुसार, फिल्म में दिखाए गए कई पहलू वास्तविक जीवन की घटनाओं से मेल खाते हैं।
इस बीच फिल्म से जुड़ा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा तेज है। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित साहसिक प्रस्तुति मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रेरित फिल्म बता रहे हैं। इस बहस ने फिल्म को मनोरंजन से आगे बढ़ाकर एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का विषय बना दिया है।
फिल्म के निर्माता और कलाकारों की ओर से अब तक इस ताजा बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, फिल्म से जुड़े पहले के इंटरव्यू और बयानों में इसे काल्पनिक और वास्तविक घटनाओं के मिश्रण पर आधारित बताया गया था। ऐसे में पूर्व मेयर के दावे ने दर्शकों और आलोचकों दोनों के बीच नई जिज्ञासा और बहस को जन्म दिया है।
फिलहाल ‘धुरंधर’ को लेकर जारी यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इससे जुड़ी और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिल्म अब केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर विचारधारात्मक बहस का केंद्र बन गई है, जिसमें वास्तविकता और कल्पना के बीच की रेखा पर सवाल उठते रहेंगे।
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